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Ajmer- घर पर ही अलग-अलग करना होगा गीला और सूखा कचरा

ठोस कचरा प्रबन्धन योजना : चार वार्डों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा नगर निगम

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Ajmer- घर पर ही अलग-अलग करना होगा गीला और सूखा कचरा

अजमेर.

शहर के कचरे को व्यवस्थित ढंग से निस्तारित करने के लिए घर-घर से ही गीला व सूखा कचरा जमा किया जाएगा। नगर निगम ने यह व्यवस्था लागू करने के लिए 10 वार्ड चिह्नित किए हैं। (smart city) वार्ड नम्बर 1, 3, 55 व 56 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना है। निगम अधिकारी इन वार्डों के पार्षदों तथा विकास समितियों के साथ बैठक कर उन्हें समझाइश कर प्रेरित करेंगे। निगम वार्डों में गीला व सूखा कचरा अलग अलग करने के लिए लोगों को 15 दिन तक समझाइश करेगा इसके बाद पेनल्टी लगाई जाएगी। निगम ने घर-घर डाटा एकत्र किया है। घर-घर से सूखा व गीला कचरा एकत्र करने के लिए ऑटो-टिपर की संख्या बढाई जाएगी।

कचरा ट्रांसफर स्टेशन के लिए एडीए से मांगी जमीन
निगम की मंशा कचरे की ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट कम करने की है। शहर में वर्तमान में केवल नसीराबाद रोड ट्रेचिंग ग्राउंड पर ही कचरा एकत्र किया जाता है। अब निगम की योजना है कि शहर में चार जगहों पर कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाने की है। इसके लिए निगम ने एडीए को पत्र लिखकर बांडी नदी पुलिया विश्राम स्थली के पास, कोटड़ा श्मशान के पास एवीवीएनएल के सामने, कांजी हाउस के पास पंचशील तथा कल्याणीपुरा रोड पर जगह मांगी है। यहां पर कचरा बनने वालों को बैठाया जाएगा ताकि कचरे का सेग्रीगेशन हो सके। कचरे को पांच श्रेणी में बांट कर एकत्र किया जाएगा। गीले कचरे को प्राइमरी डी-कम्पोस्ट किया जाएगा। नसीराबाद रोड पर ट्रेचिंग ग्राउंड में वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने के लिए वहां का सारा कचरा निकालकर प्लांट का पुराना वेस्ट साफ किया जाएगा। इसके बाद सेनेट्री लैंडफिल बनाया जाएगा।

दिल्ली, बेंगलूरु व इंदौर मॉडल का अध्ययन

अजमेर में वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए निगम आयुक्त ने दिल्ली व बेंगलुरू वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया है। जल्द ही निगम अधिकारियों का एक दल इंदौर जाकर वहां का प्लांट भी देखेगा।

समारोह संचालकों/ होटलवालों को लगानी होगी कम्पोस्ट मशीन
नगर निगम ने शहर में संचालित विभिन्न समारोह स्थलों/ गार्डन संचालकों को कचरा निस्तरण के लिए कम्पोस्ट मशीन लगाने के निर्देश दिए हैं। संचालकों को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र करना होगा। इसके लिए अलग-अलग कचरा पात्र रखनें होंगे। गीले कचरे से उन्हें कम्पोस्ट खाद बनानी होगी। गीले कचरे के लिए कम्पोस्ट मशीन नहीं लगाने पर समारोह संचालक पर प्रतिदिन 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी कम्पोस्ट मशीन नहीं लगाने पर समारोह स्थल सीज किया जाएगा। पिछले सप्ताह निगम ने समारोह संचालकों के बैठक कर समझाइश भी की थी। समारोह स्थलों के अलावा शहर के सभी होटल/ गेस्ट हाउस संचालकों को भी सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करने तथा गीले कचरे के निस्तारण करने के लिए कम्पोस्ट मशीन लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख बाजारों व फल सब्जी मंडी में भी कम्पोस्ट मशीनें लगाई जाएंगी।

फैक्ट फाइल

शहर में निगम के 2404 कर्मचारी अधिकारी सफाई की व्यवस्था संभालते हैं। इनमें 1400 अस्थायी कर्मचारी है। शहर में प्रतिदिन 250-300 टन कचरा एकत्र होता है। शहर में कचरा एकत्र करने के लिए पॉइंट 304 बनाए गए हैं। कचरा परिवहन के लिए 3 जेसीबी, 3 डम्पर, 4 टै्रक्टर तथा 160 ऑटो-टिपर लगाए गए हैं। शहर को सफाई के हिसाब से 9 सर्किल व 3 जोन में बांटा गया है। 60 जमादार, 9 सर्किल इंस्पेक्टर तथा 1 हेल्थ ऑफिसर सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते हैं।