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कुछ ने किसानों की जीत तो कुछ ने मोदी को किसान हितैषी बताया

किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मोदी के प्रयास सराहनीय

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कुछ ने किसानों की जीत तो कुछ ने मोदी को किसान हितैषी बताया,कुछ ने किसानों की जीत तो कुछ ने मोदी को किसान हितैषी बताया

अजमेर. केन्द्र सरकार की ओर से बनाए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के निर्णय के बाद अजमेर जिले के किसान एवं किसान संगठनों ने स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद कुछ जगह किसानो ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। वहीं कुछ किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी को किसान हितैषी बताते हुए कहा कि हर किसान को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मोदी के प्रयास सराहनीय रहे हैं।

किसानों की जीत, लेकिन सरकार बनाए एमएसपी का कानून

आज तीन कृषि कानून मोदी सरकार ने वापस ले लिए हैं। जो पिछले साल 5 जून को लोकसभा में पास किए। आज मोदी सरकार ने इन कानून को वापस ले लिए हैं। यह किसानों की बहुत बड़ी जीत है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने घोषणा कर दी है कि जब तक भारत सरकार 23 फसलों की एमएसपी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषणा नहीं करती है, मूल्य निर्धारित नहीं होती है और कानून नहीं बन जाता तब तक आंदोलन जारी रहने वाला है। यह देश का सबसे बड़ा आंदोलन रहा है। करीब 700 किसान शहीद हो गए। कानून वापस लेने से पूरे देश के किसानों में जोश है।

बालूराम भींचर, जिला अध्यक्ष किसान महापंचायत अजमेर

मोदी हर साल प्रति किसान 6 हजार रुपए की दे रहे हैं मदद

जो मोदी ने कानून वापस लिए हैं वह किसानों के हित में है। जो कानून लिए हैं तो दिक्कत नहीं है। राजस्थान के किसानों को वैसे भी कोई मतलब नहीं था। मोदी ने भारत के लिए काम किए हैं, किसानों के हित में वापस काम किए हैं वो कोई नहीं कर सकते हैं। किसानों के हित में मोदी आज भी काम कर रहे हैं। हमें प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए प्रति किसान को दिए जा रहे हैं। चाहे एक बिस्वा जमीन हो चाहे 100 बिस्वा जमी हो, सभी किसानों को हर साल मदद मिल रही है। चाहे एकजो भारत के साथ अच्छा काम हो रहा है, विदेशों में मोदी व किसानों का नाम हो रहा है, यह हमारी उपलब्धि है।

रामस्वरूप तेली, किसान यूनियन पदाधिकारी भिनाय