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मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में प्रदेश का पहला इंस्टीट्यूट

पीडियाट्रिक, नियोनोटोलॉजी मेडिकल इंस्टीट्यूट शुरू हो तो मिले सुविधा

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मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में प्रदेश का पहला इंस्टीट्यूट

किसानों ने क्रय-विक्रय सहकारी समिति कार्यालय पर की तालाबंदी,किसानों ने क्रय-विक्रय सहकारी समिति कार्यालय पर की तालाबंदी,मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में प्रदेश का पहला इंस्टीट्यूट

अजमेर. मेडिकल कॉलेज में पहला पीडियाट्रिक, नियोनोटोलॉजी मेडिकल इंस्टीट्यूट अभी तक शुरू नहीं हो सका है। फिलहाल स्मार्टसिटी के हिस्से के भवन का निर्माण कार्य ही जारी है। जबकि इंस्टीट्यूट का काम अभी बहुत बाकी है। तयशुदा शेड्यूल के मुताबिक इंस्टीट्यूट गत फरवरी माह में ही शुरू किया जाना था।250 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में पीडियाट्रिक, नियोनोटोलॉजी मेडिकल इंस्टीट्यूट के लिए करीब 250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। मौजूदा चिल्ड्रन वार्ड का भवन हटाकर इंस्टीट्यूट भवन का विस्तार किया जाएगा। निर्माणाधीन भवन में फॉल्स सीलिंग, ऑक्सीजन पाइप लाइन का काम हो चुका है जबकि शेष कार्य जारी है। शुरू होने के बाद यह प्रदेश का अपने किस्म का पहला इंस्टीट्यूट होगा।स्मार्टसिटी से बन रहे भवन में होगा संचालन

जेएलएन अस्पताल में स्मार्टसिटी की ओर से करीब 22 करोड़ की लागत से चिल्ड्रन अस्पताल के भवन का काम जारी है। फिलहाल इसके दो वार्डों में ही इंस्टीट्यूट शुरू करने की योजना है। इसके बाद इस भवन के पास ही नया भवन तैयार किया जाएगा।

यह होगा फायदाअजमेर, नागौर, भीलवाड़ा एवं टोंक जिलों से रैफर होकर आने वाले नवजात बच्चों को चिकित्सा सुविधा मिलेगी। उन्हें जयपुर आदि बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं नई पीडियाट्रिक एमडी की सीट मिलने से विशेषज्ञ चिकित्सक मिलेंगे।