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आत्महत्या नहीं है जहरखुरानी, क्लेम की राशि दे बीमा निगम

राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में एलआईसी की रिवीजन खारिज जहरखुरानी की घटना को आत्महत्या बताकर बीमा क्लेम खारिज करने के एक मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भारतीय जीवन बीमा निगम की रिवीजन याचिका खारिज करते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जयपुर के निर्णय को बरकरार रखा है।

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अजमेर

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Dilip Sharma

Aug 27, 2023

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Court of District Sessions Judge verdict….life imprisonment of murderar

अजमेर. जहरखुरानी की घटना को आत्महत्या बताकर बीमा क्लेम खारिज करने के एक मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भारतीय जीवन बीमा निगम की रिवीजन याचिका खारिज करते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जयपुर के निर्णय को बरकरार रखा है।राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश डा. इंद्रजीत सिंह ने प्रार्थी बनवारी लाल गुप्ता को 10 लाख रुपए 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के जीवन बीमा निगम को आदेश दिए।

यह था मामला

प्रार्थी बनवारी लाल के भाई जुगल किशोर गुप्ता ने भारतीय जीवन बीमा निगम से 10 लाख रुपए की जीवन आनंद बीमा पॉलिसी ले रखी थी। 10 जुलाई 2010 को शताब्दी ट्रेन से बल्लभगढ़ हरियाणा से गंगापुर सिटी आने के दौरान वह जहरखुरानी का शिकार हो गया। जिसकी एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 11 जुलाई 2010 को मृत्यु हो गई।निगम ने खारिज किया क्लेम

भाई की मृत्यु के बाद बनवारी लाल ने नॉमिनी के रूप में भारतीय जीवन बीमा निगम में क्लेम दावा प्रस्तुत किया जो निगम ने 10 अगस्त 2010 को बीमित द्वारा आत्महत्या करना बताकर खारिज कर दिया।राज्य आयोग ने किया मंजूर

प्रार्थी द्वारा उपभोक्ता आयोग सवाई माधोपुर में पेश परिवाद खारिज करने पर राज्य आयोग में अपील करने पर राज्य आयोग ने जिला आयोग का आदेश अपास्त कर पॉलिसी के तहत देय 10 लाख रुपए 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। जिसके विरुद्ध निगम ने राष्ट्रीय आयोग में रिवीजन पेश की। इसमें प्रार्थी के वकील सूर्य प्रकाश गांधी ने जहरखुरानी को एक्सीडेंटल डेथ बताकर प्रार्थी को क्लेम पाने का अधिकारी बताया।

राष्ट्रीय आयोग ने राज्य आयोग जयपुर के निर्णय को बहाल रखते हुए प्रार्थी को क्लेम पाने का अधिकारी बताया।