अजमेर. चेटीचंड पर निकाले गए जुलूस में करीब 50 लाख की झांकियों ने शहर में रंगत बिखेर दी। झूलेलाल की कृपा बरसाती झाकियों के बीच बुल्डोजर की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। पहली बार जुलूस में महिलाओं की झांकी भी शामिल हुई। झांकी से महिला रोजगार का संदेश दिया। स्वागत में करीब एक करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
दिल्ली गेट स्थित झूलेलाल धाम से जुलूस प्रारंभ हुआ। इससे पहले ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम के संत, मुख्य ट्रस्टी प्रभु लौंगानी, महासचिव जयकिशन पारवानी आदि ने आरती की। जुलूस देखने के लिए दुबई, यूएआई, अफ्रीका सहित देश-दुनिया के कई हिस्सों से लोग अजमेर पहुंचे। उन्होंने जुलूस में शामिल होकर छेज लगाई।
दिखे झूलेलाल के विभिन्न रूप
जूलूस में 10 से अधिक झांकियों में झूलेलाल, बेस्ट ऑफ इंडिया झूलेलाल, बादल, अंतरिक्ष, कमल, कलश, रथ समेत पृथ्वी पर झूलेलाल सहित कई रूप दिखाए गए। झूलेलाल के अलावा भगवान शिव की सबसे ज्यादा झांकियां रही। जुलूस में लक्ष्मीजी, गणेशजी, खाटू श्यामजी, श्रवण कुमार की झांकी भी सजाई गई।
महाराणा प्रताप की वीरता
जुलूस में जहां महाराणा प्रताप की वीरता दिखाई गई। वहीं महिला सशक्तिकरण का भी संदेश दिया। शहीद हेमू कालानी की भी झांकी सजाई।
नेताओं का लगा मेला
जुलूस प्रारंभ होने के पहले विधायक वासुदेव देवनानी, आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़, उपमहापौर नीरज जैन, पीसीसी सदस्य महेन्द्र सिंह रलावता, डॉ. राजकुमार जयपाल व हेमंत भाटी, पूर्व सभापति सुरेन्द्र सिंह शेखावत, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली, डॉ. शक्तिप्रताप सिंह, दीपक हासानी, नरेश शाहनी सहित कई नेताओं ने दिल्ली गेट स्थित झूलेलाल धाम पहुंचकर पूजा में भाग लिया।
मनुहार के उमड़े लोग
जुलूस के स्वागत के लिए जगह-जगह लोगों ने डीजे लगाकर मंच बनाए। सुबह से लोग सिंधी गीतों पर नाचते-गाते रहे। लोगों ने चावल, कोल्डड्रिंक, बिस्किट, फलों, मिठाईयों, सूखे मेवो, मिल्करोज, शरबत सहित अन्य से जुलूस में शामिल लोगों की मनुहार की।