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अजमेर

टुंडा सहित दो के खिलाफ आरोप बहस पूरी, चार्ज आदेश 30 को

देश की विभिन्न ट्रेनों में सीरियल बम ब्लास्ट का मामला टाडा कोर्ट में टुंडा सहित तीन आरोपी पेश

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अजमेर. बाबरी मस्जिद विध्वंस की पहली बरसी पर वर्ष 1993 में राजधानी एक्सप्रेस सहित देश की विभिन्न ट्रेनों में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के 28 साल पुराने मामले में आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा व एक अन्य आरोपी के खिलाफ शुक्रवार को यहां टाडा अदालत में चार्ज बहस सुनी गई। कड़ी सुरक्षा में आरोपियों को अदालत लाया गया। आरोप निर्धारण के लिए ३० सितम्बर की सुनवाई तय की है।

अजमेर की टाडा अदालत में प्रकरण में बाद में गिरफ्तार हुए टुंडा सहित तीन आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। विशेष बख्तरबंद गाड़ी में गाजियाबाद की डासना जेल से मास्टर माइंड (७५ वर्षीय) अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को पुलिस विशेष सुरक्षा में लेकर शुक्रवार को यहां पहुंची। दो अन्य आरोपी हमीदुद्दीन व इरफान अजमेर के केन्द्रीय कारागृह से टाडा कोर्ट में पेश किए गए।
टाडा कोर्ट का कार्यवाहक प्रभार देख रहे एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश के समक्ष आरोपी टुंडा के वकील विनीत वर्मा व अन्य आरोपी हमीदुद्दीन के वकील अब्दुल रशीद ने आरोपों पर बहस की। सीबीआई व अभियोजन पक्ष की आेर से राजकीय अभिभाषक ब्रजेश पांडे ने अपना पक्ष रखा।

वकील अब्दुल रशीद के अनुसार आरोपी इरफान पर भादंस की धारा ३०७, ३२६, ४३५ ४३६, १२० बी सहित टाडा अधिनियम, रेलवे संपत्ति हानि निवारण, विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पूर्व में आरोप तय हो चुके हैं।

इन आरोपों पर बहस पूरी
आरोपी टुंडा व हमीद्दुदीन के खिलाफ बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकीलों ने बम डिवाइस बना कर उसका तरीका अन्य को बताने, रेलवे संपत्ति को हानि पहुंचाने व अन्य आमजन को क्षतिकारित करने जैसे गंभीर आरोपों पर बहस की।

टलती रही सुनवाई
प्रकरण 28 साल पुराना है लेकिन आरोपी टुंडा की गिरफ्तारी के बाद से कई साल पेशियों में गुजर चुके हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि किन्हीं तकनीकी कारणों के चलते सुनवाई टलती रही। बीच में कई पेशियां इसलिए टलीं कि आरोपियों की ओर से दायर अपील पर सुनवाई के कारण पत्रावली सुप्रीम कोर्ट चली गई। कभी सीबीआई की ओर से वकील उपस्थित नहीं होने के कारण तो कई बार सुरक्षा कारणों के चलते टुंडा को अजमेर लाने में सुरक्षा एेजेंसियों की लाचारी के कारण पेशियां पड़ती रहीं।

प्रकरण फैक्ट फाइल

1993 – बाबरी मस्जिद ढहाने की पहली बरसी पर देश की कई ट्रेनों में सीरियल बम ब्लास्ट

2000 – आरोपी इरफान गिरफ्तार
2004 – मूल प्रकरण की सुनवाई के बाद डाक्टर बम के नाम से कुख्यात डा. जलीस अंसारी सहित १६ आरोपियों को उम्रकैद, बाद में ४ आरोपी सुप्रीम कोर्ट से बरी।

2010 – आरोपी हमीद्दुदीन गिरफ्तार

२2013- नेपाल बॉर्डर से दिल्ली पुलिस ने टुंडा को पकड़ा।