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झूलों की आड़ में कर रहे गड़बड़झाला !

निविदा शर्तों में नहीं झूलों का काम, अभियंता मांग रहे अनुभव -झूलों के काम का अनुभव मानते हुए कर दिया तकनीकी मूल्यांकनस्मार्ट सिटी

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अजमेर. स्मार्ट सिटी smart city के तहत शहर में पार्क निर्माण का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला स्मार्ट सिटी के तहत तृतीय चरण में शहर में विकसित किए जाने वाले पार्कों के संबंध में सामने आया है। मामले में खास यह है कि पार्कों में झूले लगाने का कार्य ही नहीं है, फिर भी स्मार्ट सिटी के अभियंताओं ने झूले लगाने के अनुभव को प्राथमिकता देकर निविदाओं का तकनीकी मूल्यांकन कर कार्यादेश भी जारी कर दिए। जिन पार्को में विकास कार्य करवाया जाना है उनमें शहीद हेमू कालानी पार्क जनता कॉलोनी, वैशाली नगर जी-ब्लॉक पार्क, लवकुश उद्यान,अमरदीप कॉलोनी में खाली भूमि पर विकसित किया जाना है। अमरदीप कॉलोनी में पार्क के लिए तो अजमेर विकास प्राधिकरण ने भूमि का निर्धारण ही नहीं किया। जबकि स्मार्ट सिटी के तहत पार्क बनाने का ठेका देते हुए काम भी शुरू कर दिया गया।

जरूरत नहीं, फिर भी मांग रहे स्पष्टीकरण

स्मार्टसिटी के मुख्य अभियंता पहले ही अपने ‘गोपनीय’ पत्रों को लेकर चर्चित रह चुके हैं। अब एक बार फिर वे अपने पत्रों को लेकर सुर्खियों में हैं। मामला चार पार्क के कार्य से जुड़ा है। जिसमें मुख्य अभियंता ने पत्रों की आड़ में झूलों का अनुभव सम्बन्धित ठेका कम्पनियों से मांगा है। जबकि झूले पार्क में लगवाए जाने ही नहीं हैं। यह स्थिति तो तब है जब मुख्य अभियंता स्तर के अभियंता तकनीकी कमेटी में शामिल हैं और करोड़ों रुपए खर्च कर कंसल्टेसी फर्म से बिड डॉक्यूमेंट तैयार करवाए जा रहे हैं।

इनसे है मूल्यांकन कमेटी

तकनीकी मूल्यांकन कमेटी मेें मुख्य अभियंता अनिल विजयवर्गीय, अधीक्षण अभियंता अविनाश शर्मा, अधिशाषी अभियंता अशोक रंगनानी, वित्तीय सलाहकार रश्मि बिस्सा, सहायक अभियंता रविकांत शर्मा व अन्य शामिल हैं।
इनका कहना है

बिड डॉक्यूमेंट में झूले लिख दिया था इसलिए मांग लिया था। इसको बाद में देख लेंगे।
अनिल विजयवर्गीय, मुख्य अभियंता, स्मार्ट सिटी अजमेर

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