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Teja Dashmi: ना ढोल-ढमाके ना मेले, यूं मनाई तेजा जयंती

परम्परानुसार मनाई जा रही तेजा दशमी । तेजाजी के थान पर नारियल, माला, अगरबत्ती, खीर, चूरमे, पुए-पकवान का भोग लगाए जा रहे हैं।

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tejai than in ajmer

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अजमेर.

शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में गुरुवार को तेजा दशमी मनाई गई। कोरोना गाइडलाइंस के चलते तेजाजी के थान पर पारम्परिक मेले नहीं लगे। लोगों ने नारियल, खीर, चूरमे, पुए-पकवान, पासली का भोग लगाकर घर-परिवार में खुशहाली की कामना की। कई लोगों ने तेजाजी के थान पर झंडे भी चढ़ाए।

भाद्रपद शुक्ल पक्ष दशमी लोक देवता तेजाजी की जयंती मनाई गई। सरकार की कोविड-19 गाइडलाइन के चलते तेजा थान पर पारम्परिक मेले नहीं भरे। अजमेर में ऊसरी गेट स्थित तेजाजी के थान, वीर तेजाजी सर्वधर्म विकास समिति की ओर से तेजा चौक कोटड़ा, पंचायत क्षत्रिय फूल माली सैनी संस्थान नयाघर गुलाबबाड़ी, होटल मानसिंह के निकट तेजाजी के थान पर नारियल, माला, अगरबत्ती, खीर, चूरमे, पुए-पकवान का भोग लगाया गया।


इसी तरह घूघरा, गगवाना, गेगल, लाडपुरा, कांकरदा भूणाबाय, कायड़, लोहागल, परबतपुरा, माकड़वाली, होकरा, कानस, फायसागर रोड, शास्त्री नगर और अन्य इलाकों में तेजाजी के थान पर सिर्फ पूजन का दौर जारी है।

ना ढोल ढमाके ना जुलूस
लगातार दूसरे साल ढोल-ढमाकों से शोभायात्रा और जुलूस के नजारे नहीं दिखेंगे ऊसरी गेट, हरिभाऊ उपाध्याय नगर मुख्य से तेजाजी के झंडे का जुलूस निकला जाता था। जिले के अन्य भागों में भी शोभायात्रा और झंडे का जुलूस निकलता था। कई लोग छोटे और बड़े झंडे लेकर पहुंचे। उन्हें पुजारी ही थान पर चढ़ा रहे हैं।