
अजमेर. राजस्व मंडल के घूसकांड bribery scandal के भंडाफोड़ की कहानी राजस्व मंडल से ही शुुरू हो गई थी। शिकायती complaint पत्र राजस्व मंडल के ही एक वरिष्ठ अधिवक्ता government lawyer ने राजस्व मंत्री को 29 जनवरी 2021 को ही भेज दिया था। इसके बाद राजस्व मंडल के सदस्य एसीबी की रडार पर आ गए थे। इसके बाद शुरु हुई फोन टेपिंग में एसीबी काले कारनामें सुनने के साथ ही रिकॉर्ड में दर्ज भी करने लगी। 20 करोड़ की जमीन से मामले में सरकारी पक्ष को दरकिनार कर सुनवाई की जा रही थी। इस मामले में सरकारी अधिवक्ता ने दलीलें दीं। नजीरें पेश की। केस को रिलीज करने के प्रार्थना पत्र दिए।
अदालत में अपने 40 साल की वकालत का हवाला देते हुए हाथ भी जोड़े इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो उन्होनें राजस्व मंत्री को पत्र लिखने के साथ ही राजस्व मंडल के अध्यक्ष को भी पत्र लिख डाला। एसीबी की बातचीत में इस मामले को लेकर दलाल सदस्य व अन्य के बीच हुई ही टेलीफोन वार्ता में जिक्र किया गया है। उदयपुर यूआईटी की जमीन से जुड़ा यह मामला 2.3328 हेक्टेयर भूमि का था। जिसका फैसला अध्यक्ष व सुनील शर्मा की खंडपीठ ने किया था।
Published on:
22 Apr 2021 08:22 pm
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