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Abvp भारत का दर्शन व चिंतन ही भारत की आत्मा
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Abvp भारत का दर्शन व चिंतन ही भारत की आत्मा

अभाविप चित्तौड़ प्रांत के अधिवेशन में सम सामयिक विषयों पर चर्चा, शोभायात्रा के बाद नया बाजार में खुला अधिवेशन
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अजमेर

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Chandra Prakash Joshi

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Updated: 30 Dec 2019, 10:26 PM IST

अजमेर. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उत्तर पश्चिम क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुरेन्द्र नायक ने कहा कि भारत का दर्शन व चिंतन ही भारत की आत्मा है। भारत को भारत ही कहा जाए ना कि इंडिया। आज की युवा पीढ़ी की कर्तव्यनिष्ठा से ही भारत पुन: विश्व गुरू बनेगा।

अजमेर में आजाद पार्क में आयोजित अभाविप के चित्तौड़ प्रांत के 55 में अधिवेशन के दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने युवाओं को नई भूमिका में आने का आह्वान किया। पर्यावरण विषय आधारित सत्र के प्रवर्तक खम्भूराम विश्नोई ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक जन चेतना का विषय है जिसे हर व्यक्ति तक पहुंचाना चाहिए। विश्नोई ने कहा कि प्लास्टिक पॉलिथीन का उपयोग मानव भविष्य में ज्यादा हानिकारक होने वाला है।

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युवा छुआछूत की कुरीति के खिलाफ समाज को जागृत करे-तुलसी नारायण

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामाजिक समरसता संयोजक तुलसी नारायण ने कहा कि देश को खंडित करने वाली विध्वंसकारी शक्तियां भारत के सामाजिक ताने-बाने को तोडऩे में प्रयासरत हैं। इसके लिए एक समाज को दूसरे समाज से लड़वाने व उनमें जातीय संघर्ष पैदा करने की कुछेष्टा की जा रही है। युवा पीढ़ी का दायित्व है कि हम छुआछूत जैसी कुरीतियों के खि़लाफ समाज में जागरूकता पैदा करें ताकि आपसी भाईचारा बना रहे।

कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ बेटों को करें संस्कारित

अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हेमा ठाकुर ने कहा कि यदि सास पोते की ही अपेक्षा ना करें तो कन्या भ्रूण हत्या स्वत: ही बंद हो जाएगी। घर की हर वरिष्ठ महिला का दायित्व है कि अपने बेटों को संस्कारित करें और उन्हें महिलाओं के सम्मान की शिक्षा दें। अभाविप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ आनंद पालीवाल ने सीएए, एनपीआर बिल्कुल भी असंवैधानिक नहीं है। नागरिकता संशोधन अधिनियम भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति की नागरिकता के खिलाफ नहीं है।