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ये कैसा चक्काजाम : रोड़वेज कर्मियों की मांगों का खामियाजा भुगत रहे ये हजारों लोग

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thousands of people facing problem because of roadways strike

ये कैसा चक्काजाम : रोड़वेज कर्मियों की मांगों का खामियाजा भुगत रहे ये हजारों लोग

अजमेर. रोडवेज कर्मचारियों की ओर से बुधवार को घोषित चक्काजाम से हजारों लोग परेशान रहे। केन्द्रीय बस स्टैंड से करीब 15 सौ बसों का संचालन प्रभावित हुआ।हड़ताल के चलते मंगलवार देर रात से ही बसों की आवाजाही बंद रही।

इस दौरान उत्तर प्रदेश और हरियाणा डिपो की बसें भी नहीं आई। चक्काजाम की निगरानी के लिए कर्मचारी दिनभर मुस्तैद रहे। अजमेर के दोनो डिपो की करीब दो सौ बसों सहित अन्य बसों का संचालन नहीं हुआ। चक्काजाम पूरी तरह से प्रभावी रहा। बस स्टैंड पर रात को ठहरने वाली ग्रामीण बसें ही चल पाई, वो भी डिपो तक।

30 लाख की राजस्व हानि

हड़ताल से रोडवेज को 30 लाख रुपए की राजस्व हानि हुई है। उधर चक्काजाम से हजारों यात्री परेशान रहे। अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए। वहीं अप-डाउन करने वाले लोगों को काफी दिक्कतें हुई। किशनगढ़ और आसपास जाने वाले लोगों ने मोटरसाइकिल से सफर तय किया। वहीं कुछ लोगों ने लिफ्ट लेकर काम चलाया। चक्काजाम के चलते रेलों और निजी बसों में भीड़ बढ़ी। वहीं बस स्टैंड के पास खड़े रहने वाले ऑटो चालकों को भी कोई सवारी नहीं मिली। बस स्टैंड पर स्थित दुकानदार भी खाली बैठे रहे। चक्काजाम को सफल बनाने में हजारीलाल चौधरी, अब्दुल रहुफ, नारायण सिंह, बहादुर सिंह पीपरोली, महावीर सिंह, प्रहलाद पारीक सहित अन्य ने सहयोग किया।

कई संगठनों का समर्थन
कर्मचारी महासंघ, पेंशनर संघ, भारतीयन जीवन बीमा कर्मचारी, अजमेर ट्रक ट्रांसपोर्ट संघ, थोक ट्रांसपोर्ट विकास समिति सहित अन्य संगठनों ने समर्थन दिया। इस अवसर पर मोहन चेलानी, उमेश शर्मा, कांतिकुमार शर्मा, गुलाब सिंह भाटी, सुनील पुट्टी, कश्मीर सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

हड़ताल से निजी वाहनों की चांदी

नसीराबाद. रोडवेज कर्मियों की चक्काजाम हड़ताल से नसीराबाद बस स्टैंड एक भी रोडवेज बस नहीं चली। रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने का निजी वाहनो ने पूरा लाभ उठाया। निजी वाहन चालक अपने वाहनों में मनमाना किराया वसूल कर क्षमता से अधिक सवारियां भरकर लाते ले जाते रहे।