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शौचालय निर्माण राशि गबन प्रकरण: अब भुगतान का माध्यम बदला

राज्य के 8 जिलों में सामने आया लाखों का गबन

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scam in toilet construction

शौचालय निर्माण में घोटाला

अजमेर. स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लाभार्थियों की लाखों रुपए की राशि ऑनलाइन हड़पने के मामले सामने आने के बाद अब भुगतान की प्रकिया में बदलाव किया गया है। पूर्व में जहां एसएसओ आई के माध्यम से भुगतान होता था वहीं अब भुगतान राशि जल संचालन पोर्टल के जरिए हो रहा है। नई पुरानी व्यवस्था से अधिक सुरक्षित बताई जा रही है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के निदेशक सभी जिला परिषदों को अलर्ट जारी कर भुगतान में सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं। सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को उनकी एसएसओ आईडी लॉगिन से पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों की लिंक एसएसओ आईडी की सावधानी से जांच करें।

जांच में अब तक नहीं निकला निश्कष
पंचायत समिति अजमेर ग्रामीण में शौचालय निर्माण राशि हड़पने के लिए बीडीओ पंचायत समिति अजमेर-ग्रामीण की एसएसओ आईडी को हटाकर पाली में राजवीका में नियुक्त बीडीओ मूमल गहलोत की आईडी जोड़ी गई और बिना ओटीपी के ही 39 लाभार्थी परिवारों को शौचालय निर्माण के मिलने वाले 4. 68 लाख रुपए का गबन कर लिया गया। अजमेर में हड़पी गई राशि जोधपुर, बीकानेर आदि जिलों में हस्तांतरित की गई। मामले की जांच के लिए जिला परिषद ने जिला स्तरीय कमेटी गठित की लेकिन यह अपनी जांच में किसी निष्कष् पर नहीं पहुंच सकी।

एसओजी कर रही है जांच
शौचालय निर्माण गबन का मामला अजमेर के अलावा भीलवाड़ा, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, सवाईमाधोपुर, अलवर जिलो में भी सामने आ चुका है। सरकार ने मामले की जांच एसओजी को सौपी है। अजमेर जिले की पंचायत समिति अजमेर ग्रामीण के बीडीओ की आईडी से छेड़छाड कर 39 गरीब परिवारों के शौचालय निर्माण में 4.68 लाख रुपए के गबन, इसके अलावा अलवर जिले की बानसूर पंचायत समिति में भी 66 लाभार्थियों का फर्जी भुगतान उठाने का मामला सामने आया है। सवाईमाधोपुर की मलारना समिति में राजकीय ऑनलाइन सिस्टम में छेड़छाड़ कर अब तक कुल 109 लाभाथिर्यों की 13 लाख 8 हजार की राशि हड़पी जा चुकी है।