
ब्यावर में ट्रेफिक लाइट बगैर यातायात संचालन,नियमों की अनदेखी
अजमेर. उपखंड मुख्यालय ब्यावर पर यातायात व्यवस्था बदहाल है। यहां की आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए चौराहों पर ट्रेफिक लाइटों की आवश्यकता है। एक तरफ राज्य में 31 वां राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ ब्यावर में ना तो किसी को ट्रेफिक नियमों की परवाह है और ना ही ट्रेफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग फिक्रमंद।
यातायात नियमों की पालना तो दूर की बात है, यहां ट्रेफिक पुलिस भी मूक दर्शक बनी देखी जा सकती है। यहां की बेतरतीब यातायात व्यवस्था को सुधारने और ट्रेफिक लाइटों से ट्रेफिक संचालक की जरूरत है। इसके लिए यातायात पुलिस के साथ ही शहरवासियों को भी आगे आना होगा,ताकि मुख्य मार्गों पर वाहन चलाने वाला हर व्यर्कि महफूस रह सके।
दिनभर यातायात पुलिस के सामने बेझिझक वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ट्रेफिक पुलिस उन्हें टोकना तक मुनासीब नहीं समझ रही।
राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह में भी कोई वाहन चालक मोबाइल पर बातचीत करते हुए इत्मिनान से वाहन दौड़ा रहा है तो कोई बिना हेलमेट ही वाहन की सवारी करता देखा जा सकता है।
लगाए जागरुकता बोर्ड, पर खुद नहीं पहनते हेलमेट
राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा सप्ताह और यातायात नियमों की पालना के शहर में कई जगह बड़े-बड़े साइन बोर्ड तो लगा दिए,लेकिन दिनभर मुख्य मार्गों पर ट्रेफिक पुलिसकर्मी खुद बिना हेलमेट वाहन चलाते देखे जा सकते हैं। परिवहन विभाग इस बारे में गंभीर नहीं दिख रहा।
आए दिन जाम में फंसता शवयात्रा वाहन
बेतरतीब यातायात व्यवस्था और सडक़ों पर बनी अवैध पार्र्किंग के चलते मुख्य मार्गों पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। मुक्तिधाम जाने वाला शवयात्रा वाहन कई बार जाम में फंस जाता है। फिक पुलिस यह सब देखने के बावजूद रास्ता नहीं खुलवाती। ऐसे में सभी को जागरूक रह कर ऐसे वाहन या फिर एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों को रास्ता देने की पहल शुरू करनी चाहिए।
चौराहे और तिराहों पर लगे ट्रेफिक लाइटें
ब्यावर में ट्रेफिक सुधार के लिए किशनगढ़ शहर की तरह जागरूक रहना पड़ेगा। आबादी और क्षेत्रफल की दृष्टि से ब्यावर से छोटा शहर होने के बावजूद किशनगढ़ में ट्रेफिक लाइटों से यातायात संचालित हो रहा है। ब्यावर में फिलहाल इस पर किसी प्रकार की चर्चा तक शुरू नहीं हुई। ऐसे में अब जल्द ही भगत चौराहा, चांग गेट, बांके बिहारी मंदिर तिराहा, ज्योतिबा फूले सर्किल या फिर अन्य जगह ट्रेफिक लाइटें लगाई जाने की जरूरत है।
Published on:
06 Feb 2020 06:43 pm
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