
PATRIKA STING : परिवहन विभाग में धड़ल्ले से मिनटों में यूं बन रहे ड्राइविंग लाइसेंस , 'आप तो फटाफट पैसे दो, बाकी सब हम देख लेंगे
रक्तिम तिवारी /अजमेर. यूं तो दोपहिया-चौपहिया वाहन का लाइसेंस बनाने के लिए ऑनलाइन फार्म और ड्राइविंग टेस्ट, मेडिकल कराने जैसी जटिलताएं परेशान करती हैं। लेकिन कुछ खास 'सेवकÓ (दलाल) आपका ये काम आसानी से करा सकते हैं। इसके लिए आपको केवल पैसे देने की जरूरत है। इसके बाद ये दलाल दस्तावेजों के जुगाड़ और अफसरों से फाइल क्लीयरेंस कराकर आपके हाथ में लाइसेंस रख देंगे।
यह सारा खेल परिवहन विभाग की नाक के नीचे खुलेआम हो रहा है। यहां सौदे ग्राहक की जरूरत और हैसियत के हिसाब से तय किए जाते हैं। राजस्थान पत्रिका ने बुधवार को इस खेल को स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से उजागर किया। इसमें दलालों की बेहिसाब वसूली, अफसरों की बेफिक्री और भ्रष्टाचार को खत्म करने के दावों की पोल खुल गई।
दलाल-1
पत्रिका : भाई हम दोनों गांव से आए हैं, लर्निंग लाइसेंस बनवाना है। बताओ क्या करना पड़ेगा इसके लिए?
दलाल (कालू) : भाई साहब, आप आधार कार्ड, राशन कार्ड, दो फोटो और मार्कशीट की कॉपी ले आओ, फिर ऑनलाइन प्रोसेस करेंगे।पत्रिका : बस, केवल फोटो कॉफी से काम हो जाएगा, पैसे कितने लगेंगे? दलाल : टोटल 2500 रुपए है अपनी फीस। एक हजार रुपए तो अभी दे दो, बाकी हम कर लेंगे। लर्निंग और परमानेंट बन जाए तब 1500 रुपए और दे देना।पत्रिका : हम मेडिकल सर्टिफिकेट कहां से बनवाएंगे, बाहर के हैं, किसी डॉक्टर को भी नहीं जानते?
दलाल : सर्टिफिकेट वगैरह सब बन जाएगा, वो हमारी प्रॉब्लम है।
पत्रिका : ढाई हजार रुपए तो बहुत ज्यादा है भाई, कुछ तो कम करो।
दलाल-आप आसपास पता कर लो, हमारी रेट सबसे कम है।
पत्रिका : ठीक है....हम डॉक्यूमेंट लेकर आते हैं।
दलाल-2
पत्रिका : मुझे लर्निंग लाइसेंस बनवाना है, इसके लिए क्या प्रोसेस करना पड़ेगा?
दलाल (सुरेश) : तीन फोटो, एक आधार कार्ड, दसवीं की मार्कशीट, एड्रेस प्रूफ के लिए राशन कार्ड की कॉपी ले आओ। पत्रिका : आपकी लाइसेंस बनाने की रेट क्या है?
दलाल : अगर आपने ऑनलाइन टेस्ट पास कर लिया तो 3500 हजार रुपए लगेंगे। टेस्ट पास नहीं किया तो 4 हजार रुपए लगेंगे। बाकी हम पर छोड़ दो।
पत्रिका : बहुत ज्यादा रेट बता रहो, कुछ तो कम करो?
दलाल : कोई ज्यादा नहीं है भाई साहब, आप पता कर लो। लोग तो पांच हजार, छह हजार ले रहे हैं।
पत्रिका : रेट ज्यादा है भाई, थोड़ा कम करो?
दलाल : नहीं बैठेगा भाई साहब, हमको अंदर भी कुछ देना पड़ता है।
पत्रिका-ठीक है हम बताते हैं।
यह है विभागीय प्रक्रिया
परिवहन विभाग में लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए प्रतिमाह सैकड़ों आवेदन आते हैं। नियमानुसार पहले ई-मित्र पर फीस देकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद विभाग मोबाइल फोन पर ऑनलाइन टेस्ट की तिथि का मैसेज भेजता है। संबंधित तिथि पर आवेदक को ऑनलाइन टेस्ट के लिए विभाग जाना पड़ता है। टेस्ट क्लीयर करने के बाद विभाग लर्निंग लाइसेंस जारी करता है। छह महीने के भीतर आपको परमानेंट लाइसेंस के लिए विभाग में ही दोबारा टेस्ट देना पड़ता है।
विभाग के आसपास लाइसेंस संबंधित कार्य अनाधिकृत रूप से करना गम्भीर है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। विभाग आकस्मिक जांच भी करेगा। वैसे ऑनलाइन सुविधा में लोगों की सहूलियत के लिए है। कोई भी अपने मोबाइल-कम्प्यूटर से आवेदन कर सकता है।
-खेम सिंह, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी
Published on:
01 Jun 2018 08:30 am
