
दवाओं से इलाज, लेकिन वेलनेस के लिए योग जरूरी- डॉ. रॉय
अजमेर. दवा (मेडिसिन) से मरीज को इलाज मिलता है लेकिन योग वेलनेस देता है। योग से व्यक्ति स्वस्थ रहता है। कोविड-19 में भी मेडिसिन ने अपना काम किया, योग का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मेडिकल जगत में योग कितना कारगर होगा इस पर भी रिसर्च चल रहा है।
भारत सरकार चिकित्सा शिक्षा के पूर्व निदेशक डॉ. संजय रॉय ने यह बात कही। अजमेर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में आयोजित राज्य स्तरीय सेमिनार में शामिल होने आए डॉ. रॉय से खास बातचीत के अंश।
सवाल : क्या मेडिकल में योग को भी महत्व दिया जा रहा है?
जवाब : हां, कोविड19 के दौरान यह सामने आया कि मेडिसिन के साथ-साथ योग का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।सवाल : मेडिसिन एवं योग दोनों में से स्वस्थ रहने के लिए क्या जरूरी है?
जवाब : योग वे ऑफ लाइफ है। योग के माध्यम से हम स्वस्थ तंदरुस्त रह सकते हैं। जबकि मेडिसिन बीमार होने के बाद का इलाज है। हम बीमार ही नहीं हों इसके लिए योग जरूरी है।सवाल : चिकित्सकों को योग से जोड़ने के लिए क्या प्रयास हो रहे हैं?
जवाब : एमबीबीएस के बाद इन्टर्नशिप के दौरान चिकित्सकों को आयुष केन्द्र पर भी एक माह या दो सप्ताह के लिए इलेक्टिव पोस्टिंग दी जा रही कै। विश्व योग दिवस पर भी मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी व छात्रों को सामूहिक योग अभ्यास करवाए जा रहे हैं।सवाल : योग को लेकर चिकित्सा क्षेत्र में क्या कोई रिसर्च हुई है?
जवाब : योग शायद भविष्य में मेडिकल क्षेत्र में मैन स्ट्रीम हो सकती है। इसको लेकर रिसर्च भी चल रहे हैं। कुछ जर्नल प्रकाशित भी हुए हैं। देश की कुछ मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमडी योग के कोर्स भी शुरू हुए हैं।सवाल : जिरियाट्रिक (जरावस्था) की चिकित्सा पर अब इतना फोकस करने की क्या वजह है?
सवाल : भारत में वर्तमान में सबसे अधिक युवा हैंं, लेकिन 30 साल बाद ये युवा जिरियाट्रिक केटेगरी (वृद्धजन श्रेणी) में तब्दील हो जाएंगे। ऐसे में भविष्य में वृद्धजन के लिए सुरक्षा तंत्र मजबूत करना है।
Published on:
25 Dec 2022 10:55 pm
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