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वसंत पंचमी लाई फूलों का उपहार, प्रकृति में छाया उल्लास

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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 9 Feb 2019, 6:39 PM IST

vasant panchmi festival

vasant panchmi festival

अजमेर. वसंत पंचमी पर रविवार को शहर में कार्यक्रमों का आयोजन होगा। मां सरस्वती का मंत्रोच्चार से पूजन किया जाएगा। इसके अलावा शास्त्रीय संगीत और अन्य कार्यक्रम होंगे। कला साधकों का सम्मान किया जाएगा। उधर शनिवार को भी कई संस्थाओं में कार्यक्रम हुए।

होगा मां सरस्वती का पारम्परिक पूजन

वसंत पंचमी पर विद्या की देवी मां सरस्वती का पारम्परिक पूजन होगा। विद्यार्थियों को वसंत ऋतु, पीले वस्त्र और परम्पराओं की जानकारी दी जाएगी। कई संस्थाओं में प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं। सप्तक संस्था के तत्वावधान में शाम 6.30 बजे सूचना केंद्र में वसंतोत्सव कार्यक्रम होगा। इस वर्ष का मां भारती सम्मान बृजेश शर्मा को प्रदान किया जाएगा। समारोह में पंडित कन्हैयालाल मधुकर को भगवान नटराज सम्मान, डॉ.रीता देव, पंडित अजयशंकर पी. झा को बजरंग सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसी तरह जयशंकर मिश्रा को ब्रह्म सम्मान से नवाजा जाएगा। वसंतोत्सव का मुख्य आकर्षण शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम होगा। इस दौरान कलाकार शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देंगे। इनके अलावा शहर में कला अंकुर और अन्य संगीत महाविद्यालय और संस्थाएं भी संगीत कार्यक्रमों का आयेाजन करेंगी।

वसंत पंचमी उल्लास का पर्व
सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में वसंत पंचमी पर्व मनाया गया। प्राचार्य डॉ. एम. एल. अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रत्येक त्यौंहार-पर्व का महत्व है। वसंत पंचमी ज्ञान, प्रकाश, नवजीवन, प्राकृतिक उल्लास का पर्व है। हमें प्रकृति की महत्ता समझनी चाहिए। सहायक निदेशक डॉ. सुनीता पचौरी, उपाचार्य डॉ. मंजुला मिश्रा ने भी संबोधित किया। श्वेता रामावत और हंसिका ने वसंत से जुड़ी बंदिश पेश की। डॉ. मोईनुद्दीन ने वसंत पंचमी लाई फूलों का उपहार..दोहावली और डॉ. रीना व्यास ने नव वसंत बहार..कविता सुनाई। डॉ. सुनीता गहलोत ने निराला की कविता सखी वसंत आया.., किशनी फुलवानी ने मेरा रंग दे वसंती.., डॉ. नीलम कौशल ने गीत, डॉ. लक्ष्मीकांत व्यास ने राजस्थानी कविता, डॉ. मधु माथुर ने गीत और डॉ. जितेंद्र थडानी ने सरस्वती वंदना की। संचालन डॉ. अनिता शर्मा और डॉ. विमलेश शर्मा ने किया।