अजमेर. गर्मी की छुट्टियों के साथ ही महर्षि दयानंद सरस्वती की धरा पर बना ऋषि उद्यान इन दिनों कई प्रदेशों के बालकों से आबाद है। यहां आयोजित आर्यवीर युवाओं को संस्कार के साथ आत्मरक्षा के लिए जूडो भी सिखा रहे हैं। शरीर के साथ मन को भी मजबूत बनाने के गुर सिखाए जा रहे हैं। खासतौर पर मोबाइल, सोशल मीडिया को तरक्की में बाधा बताते हुए। इससे दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। आर्यवीर दल की ओर से व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सुबह चार बजे से दिनचर्या प्रारंभ हो जाती है। नित्यक्रम के बाद 5 से 7 बजे तक पीटी, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार योग, नियुद्धम (जूडो) और एडवान्स योगा सिखाया जाता है। नहाने के बाद 8 से 9 बजे तक 11 कुण्डीय हवन प्रारंभ होता है। प्रशिक्षक अभिषेक कुमावत ने बताया कि हर दिन विशेषज्ञ विषयों पर व्याख्यान देते हैं। गुरुवार को मुनि सत्यजीत ने वेद-पुराण में अंतर, मन व शरीर से बलिष्ठ बनने के बारे में बताया।
परोसते हैं खाना
शिविर में सभी बच्चे एक साथ बैठकर खाना खाते हैं। खाने से पहले मंत्र का उच्चारण होता है। हर दिन अलग-अलग बच्चों की ड्यूटी लगती है, ताकि उनमें समाज सेवा का भाव आए।
समझा रहे मोबाइल के नुकसान
शिविर में बालकों को सोने की ईंट कहानी सुनाई जा रही है। मोबाइल, सोशल मीडिया कैसे हमारे मन को दिग्भ्रमित कर रहा है। इसलिए व्यायाम से शरीर को मजबूत रखें, वेद-उपनिषद और ग्रन्थों के अध्ययन से अपना ज्ञान बढ़ाएं, लाठी, जूडो से आत्मरक्षा के गुर सीखे।
कई राज्यों के बालक
शिविर में राजस्थान, मध्यप्रदेश, यूपी, हरियाणा के करीब तीन सौ बालक अनुशासन के साथ संस्कार, फिटनेस और आत्मरक्षा का पाठ पढ़ रहे हैं।