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बीता दीवारों पर नारे लिखने का जमाना, अब फैशन और स्टाइलिश चुनाव

दीवारों पर नारे लिखने, पोस्टर चिपकाने, शहर में पोस्टर-होर्डिंग लगाने तक सिमटा हुआ था। अब यह बीते जमाने की बात हो गई है।

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कार्यकर्ताओं की फैशन-स्टाइल की भी जबरदस्त धूम है।

कार्यकर्ताओं की फैशन-स्टाइल की भी जबरदस्त धूम है।

रक्तिम तिवारी/अजमेर। नेता बनने की पहली सीढ़ी यानि छात्रसंघ चुनाव में दूसरे शहरों-गांवों के कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशियों के प्रचार-प्रसार की कमान संभाल रखी है। नागौर-सीकर जिले के अलावा अन्य इलाकों से छात्र-छात्राएं अजमेर में डेरा जमाए हुए हैं। महंगी जीप-कार और बाइक्स पर वे अपने दोस्तों के चुनाव में कामकाज कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं की फैशन-स्टाइल की भी जबरदस्त धूम है।

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में खड़े हुए निर्दलीय और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में डीडवाना, मकराना, रेण, मूंडवा, नागौर, कुचामनसिटी से नौजवान और कायकर्ता पहुंचे हैं। इनका विश्वविद्यालय परिसर के आसपास इलाकों में डेरा है। यह युवा विश्वविद्यालय सहित विभिन्न कॉलेज में भी प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, दयानंद कॉलेज के प्रत्याशियों के लिए भी सीकर, नागौर अन्य इलाकों से कार्यकर्ता आए हैं।

चुनाव में फैशन और स्टाइल

छात्रसंघ चुनाव में फैशन और स्टाइल की धूम है। छात्र-छात्राएं महंगे ब्रांडेड कम्पनी के चश्मे, जींस-टीशर्ट, ट्राउजर, महंगी घडिय़ां पहनकर प्रचार-प्रसार करते दिख रहे हैं। हाथों में स्मार्ट मोबाइल, कान में ईयरफोन और ब्लू टूथ और लेपटॉप से हाइटेक प्रचार हो रहा है। कई संस्थाओं, रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई की सुविधा उनके लिए फायदेमंद साबित हुई है। फेसबुक और व्हाट्सएप पर धुआंधार प्रचार जारी है।

बीता दीवारे रंगने का जमना

बीस-पच्चीस साल पहले तक छात्रसंघ चुनाव का दायरा दीवारों पर नारे लिखने, पोस्टर चिपकाने, शहर में पोस्टर-होर्डिंग लगाने तक सिमटा हुआ था। अब यह बीते जमाने की बात हो गई है। लिंगदोह समिति की सिफारिशों और प्रशासन-पुलिस संस्थाओं की सख्ती के चलते छात्र-छात्राओं ने प्रचार-प्रसार का तरीका बदल लिया है। अब उन्हें सोशल मीडिया जैसा त्वरित प्रचार का माध्यम उपलब्ध है। इसके जरिए वे अपने सहपाठियों-मतदाताओं तक वीडियो, ऑडियो क्लिप, संदेश पहुंचा रहे हैं।

ओपन जिप्सी-लग्जरी कार

कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढऩे वाले छात्र-छात्राएं और उनके समर्थक वाहनों का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। ओपन जिप्सी, जीप, पजेरो, फाच्र्यूनर, ऑडी जैसी कार प्रचार-प्रसार में घूम रही हैं। इसके अलावा हार्ले डेविडसन, बुलेट, तेज रफ्तार वाली बाइक्स भी देखी जा सकती हैं। नौजवान और प्रत्याशी शहर में दिन-रात इन वाहनों पर धुआंधार प्रचार करने में जुटे हैं।
संस्थाओं ने नहीं दिए किसी को नोटिस

बुधवार को नामांकन के दौरान छात्र-छात्राओं और प्रत्याशियों ने कॉलेज और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय परिसर और सड़कों पर जमकर पेम्पलेट उड़ाए। इसके अलावा विद्यार्थियों को खुलेआ विजिटिंग कार्ड बांटे। कई जगह विद्यार्थियों के होर्डिंग लगे हुए हैं। इसके बाद किसी कॉलेज अथवा विश्वविद्यालय ने इन्हें नोटिस नहीं थमाए हैं। एक संस्था में तो पत्रकारों ने जब लिंगदोह समिति की सिफारिशों की अनुपालना की बात पूछी तो रिटर्निंग अधिकारी उसे हंसकर टाल गए।