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सदियों पुराना है पुष्कर सरोवर, नहीं दिखेगा अब आपको ऐसा पानी

नगर निगम द्वारा सर्वे किया गया तथा पाया कि यहां पर घरों से निकला गंदा पानी सीधा ही पुरणखण्ड में जाता है।

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seavage water stopped in pushkar lake

seavage water stopped in pushkar lake

पुष्कर सरोवर धार्मिक आस्था से जुडा है इसमें शहर का गंदा पानी नहीं जाने पाए इसके लिए पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। नगर निगम के आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने बताया कि गत कई वर्षो से मानसून सीजन में वर्षा का पानी पुरणखण्ड में एकत्रित गंदा पानी व शहर की नालियों से होता हुआ पुष्कर सरोवर में एकत्रित जाता था। शहर की नालियां व पुरणखण्ड में एकत्रित घरों का गंदा पानी सरोवर में जाने पर वहां के निवासियों में रोष व्याप्त है।

कई प्रयास किये गये तथा गत वर्षों में अजमेर विकास प्राधिकरण तथा जलदाय द्वारा सीवरेज लाईन डालकर राहत पहुंचाने की कोशिश की तथा उनके द्वारा कुल शहर में 28.30 किण्मीण् लाईन भी बिछाई गई परन्तु समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री के पुष्कर प्रवास के दौरान इस समस्या से निजात के लिए अमृत योजना के तहत् 3.80 करोड़ की राशि स्वीकृत भी की गई।

इसका कार्य वर्तमान में चल रहे अजमेर के ठेकेदार द्वारा ही सम्पादित किया जाना है। अमृत योजना के तहत प्रथम चरण में 72.70 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके तह 46.30 किलोमीटर की सीवरेज का कार्य प्रस्तावित था । इस योजना में पुष्कर सरोवर का कार्य स्वीकृत किया गया।

उन्होंने बताया कि जलाशय में गंदा जल जाने की मूल समस्या पुरणखण्ड में एकत्रित गंदा पानी है। यह यादव मौहल्ला, सारस्वत धर्मशाला, पुराना बस स्टैण्ड तथा ऊंचाई पर बने कैशव नगर के विभिन्न मौहल्लो से आकर पुरणखण्ड में एकत्रित होता है। नगर पालिका द्वारा वहां पर पम्प के द्वारा गंदा पानी निकालकर सीवरेज में डाला जाता है। बरसात में यह गंदा पानी पुष्कर सरोवर में जाता था। नगर निगम द्वारा सर्वे किया गया तथा पाया कि यहां पर घरों से निकला गंदा पानी सीधा ही पुरणखण्ड में जाता है।

यहां लगभग 500 मकान है। वर्तमान में निगम द्वारा इन सभी घरों का गंदा पानी प्रोपटी चैम्बर बनाकर तथा घरों के गंदे पानी का गली ट्रेप चेम्बर डालकर सिवरेज लाइन में मल प्रवाहित किया जाएगा। इससे पुरणखण्ड में गंदा पानी नहीं आएगा। साथ ही बरसात का पानी ही सरोवर में जाएगा। यह कार्य प्रथम चरण में किया जाएगा। कस्बे में लगभग 4500 रहवासी मकान है। इनको सीवरेज नही जोडा गया हैए। अगर सभी 4500 मकानों को सीवरेज से जोड दिया जाए तो नालियां एकदम सूखी हो जाएंगी। केवल बरसात का पानी ही पुष्कर सरोवर में जाएगा। यह कार्य द्वितीय चरण में प्रस्तावित है जिसकी स्वीकृति राज्य सरकार से ली जाएगी।