26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विद्यालय भवन की छत से टपक रहा पानी

महात्मा गांधी स्कूल सराना के हाल बेहाल, शिक्षकों को पढ़ाने से पहले कक्षा-कक्ष से पानी निकालने की चिंता

2 min read
Google source verification
Mahatma Gandhi School

महात्मा गांधी स्कूल में कक्षा-कक्ष की छतों से टपकते बारिश के पानी से बचाव के लिए रखी गई टेबल।

सराना पंचायत समिति के सरकारी स्कूलों के हालात बेहाल हैं। कहीं स्कूलों में छत से पानी टपक रहा है, तो कहीं प्लस्तर ही उखड़ गया है। इन हालातों से लड़ने के लिए शिक्षकों को कलम की जगह वाइपर उठाना पड़ रहा है, जिससे वे स्कूल के कमरों में भरे पानी को निकालते हैं। महात्मा गांधी स्कूल के 4 कमरों के हालात बहुत दयनीय हैं। तीन कमरों में तो हल्की बारिश में ही छत से पानी का टपकना शुरू हो जाता है। विद्यालय के एक ही कक्ष में 2 कक्षाओं के विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाना पढ़ रहा है, जहां सभी कमरों की छतों कि दरारों से पानी गिर रहा है।

पानी निकालने के जतन

महात्मा गांधी स्कूल सराना में सुबह स्कूल आने के बाद शिक्षक पढ़ाने की बजाय कमरों में भरे पानी को निकालने का जतन करते नजर आते हैं। कमरे में विद्यार्थियों के बैठने के स्टूल पर कमरे की छतों से पानी टपकता रहता है। टपकती छतों के कारण दो कक्षाएं एक ही कमरे में चलाना मजबूरी है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। विद्यार्थियों के राशन की सुरक्षा करना भी मुश्किल बना हुआ है। शिक्षकों ने बताया कि ऐसे हालात की रिपोर्ट कई बार उच्चाधिकारियों को भेजी है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।

छत से 20 पंखों में पानी जाने से जले

महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सराना में प्रधानाचार्य व्यवस्थापक मंजू टंडन ने बताया कि टपकती छतों से 20 पंखे जले और 3 नए लगा चुके हैं। वहीं कम्प्यूटर लैब में भी पानी गिर रहा है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बचाने में समस्या आ रही है। स्कूल में 11 कमरे हैं। इनमें एक कमरे में कम्प्यूटर लैब, एक में कार्यालय, एक पुस्तकालय, एक शिक्षक रूम, एक प्रधानाचार्य कक्ष और बाकी 4 कमरों में कक्षाएं चलती हैं, जिनमें पानी टपकता रहता है। यहां विद्यालय में सभी कमरों की मरम्मत कराने के बाद भी सुचारू रूप से कक्षाएं चलाने के लिए 5 कमरों की कमी है।