
अजमेर. Monsoon Update: देश में हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में मानसून अच्छा रहा है, लेकिन अगस्त में इसकी सुस्ती चौंका रही है। प्रदेश के कई इलाकों में बरसात नहीं हुई है। अजमेर भी इनमें शामिल है। सितंबर में भी ज्यादा बरसात की संभावना नहीं है। पिछले दस सालों की बात की जाए तो अजमेर जिले से मानसून की विदाई सितंबर के दूसरे पखवाड़े अथवा अक्टूबर में होती आई है। हालांकि 2015 में कम बरसात के चलते मानसून सितंबर की शुरुआत में कमजोर पड़ गया था। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस बार जो हालात हैं, उससे मानसून की जल्द विदाई होने के आसार हैं।
फिलहाल सिस्टम सुस्त... मौसम विज्ञानियों के अनुसार इन दिनों राज्य में कहीं पर भी कम दबाव वाला क्षेत्र नहीं बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी से हरियाणा-पंजाब तक यही स्थिति है। बादल तो छा रहे हैं, पर बरसात नदारद है। सितंबर में भी ऐसी स्थिति बनती नजर आ रही है।
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केवल जून-जुलाई में हुई बरसात
इस बार मानसून जून-जुलाई में ही असरदार रहा। बिपरजॉय चक्रवात से तो 225 मिलीमीटर से अधिक बरसात हुई। इसके बाद 1 से 31 जुलाई तक झमाझम बरसात ने भिगोया। जिससे जिले मं बरसात का आंकड़ा 450 मिलीमीटर तक पहुंच गया। जबकि अजमेर शहर में 801 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य से 251 मिलीमीटर ज्यादा है। मानसून में 2019 में सर्वाधिक 915 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
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दस साल में मानसून की इस तरह विदाई
2013- 5 अक्टूबर
2014- 2 अक्टूबर
2015- 2 सितंबर
2016- 15 सितंबर
2017- 1 अक्टूबर
2018 - 30 सितंबर
2019- 10 अक्टूबर
2020- 10 सितंबर
2021- 4 अक्टूबर
2022- 8 अक्टूबर
Published on:
29 Aug 2023 04:32 pm

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