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जहां किन्नर के भी हो गई थी औलाद, वहां की कोई नहीं ले रहा सुध

अजमेर. अपनी अनूठी स्थापत्य कला के लिए पहचाने जाने वाला अजमेर का ऐतिहासिक तारागढ़ किला अर्से से पुरातत्व विभाग की उपेक्षा का शिकार है। सार-संभाल के अभाव में यहां पर्यटकों की आवाजाही नहीं बढ़ पा रही।

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जहां किन्नर के भी हो गई थी औलाद, वहां की कोई नहीं ले रहा सुध

जहां किन्नर के भी हो गई थी औलाद, वहां की कोई नहीं ले रहा सुध

युगलेश शर्मा.

अजमेर. अपनी अनूठी स्थापत्य कला के लिए पहचाने जाने वाला अजमेर का ऐतिहासिक तारागढ़ किला अर्से से पुरातत्व विभाग की उपेक्षा का शिकार है। सार-संभाल के अभाव में यहां पर्यटकों की आवाजाही नहीं बढ़ पा रही। जबकि किले की भौगोलिक स्थिति, दृश्यावली व इस तक पहुंचने का मार्ग इसे पर्यटकों सहित स्थानीय शहरियों के बीच इसे बेहतरीन हैंगआउट पॉइंट की पहचान दिलाने को पर्याप्त हैं। तारागढ़ पर रोप-वे, रेस्टोरेंट, कैमल सफारी व हॉर्स राइडिंग, मिनी पार्क, एडवेंचर राइड्स व स्पेशल डेस्टीनेशन पॉइन्ट्स बनाकर बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।

यहां है करिश्माई पेड़

यहां हर साल लाखों लोग आते हैं। तारागढ़ पर लाल बूंदी का करिश्माई पेड़ है। जहां मन्नत का धागा भी बांधा जाता है। बताया जाता है कि एक बार एक किन्नर ने इस पेड़ का फल खा लिया था। इसके बाद वह गर्भवती हुआ और उसने एक लड़के को जन्म दिया। तभी से किन्नर यहां आते हैं। यह पेड़ दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।

सालों से सुन रहे योजना, नहीं हुआ रोप-वे निर्माण

तारागढ़ तक रोप-वे निर्माण की योजना सालों से सुनी तो जा रही है लेकिन इसमें अभी तक हुआ कुछ भी नहीं है। रोप-वे निर्माण से तारागढ़ पर न केवल पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। तारागढ़ स्थित मीरां साहब की दरगाह में हाजिरी देने आने वाले जायरीन की संख्या में इजाफा होगा। वृद्ध और अशक्तों को भी सहूलियत होगी। साथ ही तारागढ़ से शहर का विहंगम नजारा भी कभी ना भूल सकने वाला होगा।

संभव है कैमल सफारी व हॉर्स राइडिंग

तारागढ़ पर जाने के लिए घुड़सवारी और कैमल सफारी की व्यवस्था हो तो लोगों को आनंद आएगा। घुड़सवारी और ऊंटों की सवारी से यहां पर्यटकों की तादाद में वृद्धि हो सकती है। कैमल सफारी और हॉर्स राइडिंग वैसे भी पुष्कर में विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

रेस्टोरेंट की भी दरकार

पृथ्वीराज स्मारक की ओर से तारागढ़ जाने वाले मार्ग पर रेस्टोरेंट बनाकर इसे प्रचलित किया जा सकता है। रेस्टोरेंट होने से शहर के युवाओं को बेहतरीन हैंगआउट पॉइन्ट भी मिलेगा। साथ ही वे यहां के इतिहास से भी रूबरू हो सकेंगे।तैयार हो सनसेट पॉइंट

तारागढ़ के पिछले हिस्से से अरावली की एक पहाड़ी मुस्कराती-सी नजर आती है जहां से सूरज अस्त होता है। ऐसे में किले पर पर्यटकों के लिए एक सनसेट पॉइंट भी बनाया जा सकता है।