
ग्राम पंचायत व समितियों का गठन कर चुनाव तो करा दिए, खुद के भवन बिना कहां बैठेंगे प्रधान और सरपंच!
अजमेर. राज्य सरकार ने जिले में कई नई ग्राम पंचायतों का गठन तो कर दिया,लेकिन सरपंच व पंचों के लिए बैठने की जगह नहीं है। मतलब ग्राम पंचायत भवन ही नहीं हैं। इसी प्रकार सरवाड़ पंचायत समिति ल अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति का गठन कर दिया। प्रधान और सदस्यों के चुनाव हो गए। अब सवाल यह है कि पंचायती समिति कार्यालय भवन ही नहीं हैं। ऐसे में नवनिर्वाचित प्रधान,सरपंच व सदस्यों को किराए के भवन में बैठना पड़ेगा। गांवों की ‘सरकार’ का अपना खुद का कार्यालय भवन कब बनेगा। अभी तय नहीं है। जिले की 40 ग्राम पंचायतों के भवन नहीं हैं।
अजमेर जिले में नवगठित अजमेर-ग्रामीण एवं सावर पंचायत समितियों में निर्वाचन से पूर्व इनके लिए सरकारी कार्यालयों के भवनों का उपयोग शुरू कर दिया गया था। अजमेर-ग्रामीण पंचायत समिति का संचालन गगवाना में पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र परिसर स्थित छात्रावास में करने की तैयारी की गई है, लेकिन इसमें भी अभी पेंच फंसा हुआ है। उधर, सावर पंचायत समिति तहसील के पीछे स्थित सरकारी स्कूल भवन से संचालित हो रही है। दोनों नवनिर्वाचित प्रधानों ने शनिवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया।
जिले की 40 ग्राम पंचायतों के नहीं खुद के ठिकाने
अजमेर जिले की करीब 40 अन्य ग्राम पंचायतों के भवन भी स्वयं के नहीं हैं। इनमें नवगठित ग्राम पंचायतों के साथ कुछ पुरानी ग्राम पंचायतें भी शामिल हैं। इनमें कुछ ग्राम पंचायतें सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केन्द्र तो कुछ सरकारी स्कूल और पटवार घरों में चल रही हैं। इनके सरपंच भी अन्य सरकारी भवन या फिर निजी भवनों से ही कामकाज कर रहे हैं।
इन ग्राम पंचायतों के पास नहीं खुद का भवन
जवाजा : गणेशपुरा, गोविन्दपुरा, पाखरियावास, भैरूखेड़ा, ठीकराना, मेंद्रातान, बाडिय़ा भाऊ, सातुखेड़ा, लसाडिय़ा, शाहपुरा।
मसूदा : मानपुरा, शिवनगर, शयोपुरा का घाटा, उतमी, खीमपुरा, देवमगरी।
केकड़ी : निमोद, माखंड, कोहड़ा, नायकी।
सावर : आमली, बाढ़ का झोपड़ा, सदारी, भाड़ावास, नयागांव मीणों का। श्रीनगर : जिलावड़ा।
अरांई : चांदमा।
भिनाय : देवपुरा।
किशनगढ़ : मोतीपुरा, बिलावत।
अजमेर ग्रामीण : सिराना, बांसेली।
सरवाड़ : कल्याणपुरा जड़ाना ताजपुरा भाटोलाव व सदापुर।
Published on:
13 Dec 2020 12:56 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
