नसीराबाद (अजमेर). राजकीय सामान्य चिकित्सालय की महिला चिकित्सक की ओर से किए गर्भपात के बाद महिला की अजमेर में उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने पर गुस्साए मृतका के परिजन ने महिला चिकित्सक के निजी चिकित्सालय में शव रखकर जोरदार हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल हालात पर काबू पाया।लोधा मोहल्ला निवासी अनिल कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी पूजा के पेट दर्द होने पर महिला चिकित्सक डॉ. सुरभि गौड़ के निजी चिकित्सालय पर लेकर गए।
डॉ. सुरभि ने गर्भपात कराने की सलाह देते हुए तीन हजार रुपए का खर्च बताया। तीन हजार रुपए देने पर चिकित्सालय में 18 जून को उसका गर्भपात कर वहीं पर भर्ती कर लिया गया। लेकिन पूजा की हालत बिगड़ गई। हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सालय के एक अन्य डॉक्टर ने 21 जून को उसे अजमेर रैफर कर दिया जहाँ उपचार के दौरान गुरुवार को पूजा की मौत हो गई।
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शव लेकर पहुंचे चिकित्सालयपूजा की मृत्यु की से गुस्साए परिजन व क्षेत्रवासियों ने डॉ. सुरभि के निजी चिकित्सालय पहुंचकर हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची सिटी थाना पुलिस ने परिजन को समझाने का प्रयास किया। इस बीच पूजा का शव नसीराबाद पहुंचा तो परिजन ने शव को महिला चिकित्सक की अनुपस्थिति में उसके निजी चिकित्सालय के अंदर लाकर रख दिया।
मामला बढ़ता देख सदर थानाधिकारी कैलाश विश्नोई मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में किया। इसी दौरान उपखण्ड अधिकारी सुरेश चावला, तहसीलदार बुद्धिप्रकाश मीणा भी मौके पर पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक शव महिला चिकित्सक के निजी चिकित्सालय में ही रखा हुआ था और प्रदर्शन जारी था। इस संदर्भ में डॉ. सुरभि गौड़ से सम्पर्क करने का प्रयास किया तो उनसे कोई सम्पर्क नहीं हो पाया।
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हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
मृतका के देवर सुनील सिसोदिया ने पुलिस को दी शिकायत में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सिसोदिया ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी भाभी पूजा 16 जून को पेट में दर्द होने पर डॉ. सुरभि गौड़ को दिखाया था। डॉ. गौड़ ने एक इंजेक्शन लगाकर ऑपरेशन करने की सलाह दी। इस पर डॉ. गौड़ ने 18 जून को अपने निजी चिकित्सालय में उसकी भाभी का ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के बाद भी पेट में दर्द होने के कारण जब दुबारा चिकित्सालय दिखाया तो डॉ. गौड़ ने ध्यान नहीं दिया और एक-दो दिन में ठीक होने की बात कही। लेकिन पूजा की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ हालत बिगड़ती चली गई इस पर उसने अन्य चिकित्सक को दिखाया। अन्य चिकित्सक ने उसकी हालत खराब होने के कारण उसे चिकित्सालय में भर्ती कर लिया और जांच रिपोर्ट देखने के बाद 23 जून को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय रेफ र कर दिया जहां पूजा को आपातकालीन यूनिट में भर्ती थी।
गुरुवार को उपचार के दौरान पूजा की मृत्यु हो गई। सुनील ने शिकायत में ऑपरेशन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए डॉ. सुरभि गौड़ के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। परिजन ने महिला चिकित्सक के विरुद्ध मामला दर्ज होने पर ही शव उठाने की बात कही। सिटी थाना पुलिस ने महिला चिकित्सक के विरुद्घ मामला दर्ज करने की कवायद शुरू कर दी है।
छिन गया ममता का आंचल मृतका पूजा आंगनबाड़ी में कार्य कर अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही थी। उसके चार पुत्रियां नन्दिनी, कनिशा, करीना व पायल है। अपनी मां की मृत्यु का समाचार मिलने पर पुत्रियां भी निजी चिकित्सालय पहुंची जहां उनका रो-रो कर बुरा हाल था।