अजमेर. शहर की कुछ महिलाओं ने बच्चों को संस्कारित करने का बीड़ा उठाया है। बच्चों को खेल के माध्यम से संस्कार सिखाए जा रहे हैं। कैलाशपुरी स्थित शिवाजी पार्क में इसके लिए व्यक्तित्व विकास शिविर जारी है। शिविर में बच्चों को परिवार और समाज में व्यवहार की सीख दी जा रही है।
राधा राठी क्रिश्चियनगंज में रहती हैं। कुछ दिन पूर्व इंदू राठी, विनोद मंत्री, शोभा बाहेती, रेणु भूतड़ा, सीमा चंद्रावत से चर्चा करने के दौरान बच्चों का स्क्रीन टाइम बहुत ज्यादा होने की बात चली। बच्चों को इससे दूर रखने के लिए संस्कार सिखाने की ठानी। इस बारे में विवेकानंद केन्द्र के स्वतंत्र शर्मा व अंकुर प्रजापति से चर्चा की। अंकुर ने खेल के माध्यम से संस्कार सिखाने के बारे में बताया। कॉलोनी के शिवाजी गार्डन में व्यक्तित्व विकास शिविर शुरू हो गया।
तरह-तरह के खेल
प्रतिदिन शाम करीब 30 बच्चे यहां एकत्र हो जाते हैं। एक लाइन में फुटवियर खोलते हैं। उन्हें प्रेरणादायक कहानियां रोचक तरीके से सुनाई जाती हैं। गंगास्नान, नमस्तेजी, रेलगाड़ी सहित तरह-तरह के खेल खिलाए जाते हैं। एक घंटे के इस शिविर में बच्चे पूरे उत्साह से शामिल होते हैं। अभिभावकों को भी दिली सुकून मिलता है।
पांच का शिविर आठ
इंदू राठी ने बताया कि बच्चे मोबाइल या टीवी देखते हुए खाना खाते हैं जो गलत है। इसके चलते खाना भी जूंठा छूट जाता है। घर में कोई मेहमान या रिश्तेदार आता है तो बच्चे मेलजोल नहीं बढ़ाते। इसलिए उन्हें संस्कार दे रहे हैं।
शिविर में आना मुझे काफी अच्छा लगता है। नमस्ते जी, गंगा स्नान जैसे कई खेल खिलाते हैं। प्रेरक कहानियां भी सुनाते है।
प्रत्यूष चटर्जी
मुझे खेलना बहुत अच्छा लगता है। स्टोरी भी सुनाते हैं। यहां हमें योग भी सिखाते हैं।
एकांशी पटेल