दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के सेंटपॉल स्कूल व संत फ्रांसिस स्कूल पर बने मतदान केन्द्र के बाहर सुबह साढ़े 8 पहुंचे तो यहां कतार नजर आई। मतदान को लेकर युवाओं व महिलाओं में खासा जोश नजर आया। महिलाएं समूह में मतदान केन्द्रों पर पहुंचीं। पहली बार मतदान कर रही छात्राएं भी अभिभावकों संग पहुंची। दिव्यांगों को भी केन्द्रों पर लाने में परेशानी हई। उनका कहना रहा कि दिव्यांगों के लिए मतदान के लिए पृथक से की गई विशेष व्यवस्था की उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। मतदान केन्द्र में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं थी, वहीं मतदान कक्ष में केवल मतदाता को ही प्रवेश दिया गया। बाहर बैठे बीएलओ को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।
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फर्स्ट वोटरपहली बार मतदान देने का उत्साह है। जो भी सरकार आए उसे रोजगार, युवा कल्याण को लेकर योजनाएं बनानी चाहिए।
भूमिका सेठी, सैकंड ईयर, नर्सिंग छात्रा
महिला सुरक्षा को लेकर कड़े कानून बनने चाहिए। क्षेत्रीय समस्याओं पर ध्यान देने वाले व कमजोर लोगों को मदद करने वाली सरकार की जरूरत है।बोधाम्बि पुरोहित, बीसीए
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दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों को हुई परेशानी
सेंटपॉल स्कूल में मतदान के लिए शकुंतला देवी को उसके परिजन गोद में लेकर प्रवेश द्वार से मतदान कक्ष तक लाए। इसके बाद बूथ प्रबंधन देख रहे कार्मिकों ने व्हील चेयर के जरिए उन्हें कक्ष में ले जाकर मतदान कराया गया। इसी प्रकार वयोवृद्ध गोविंदराम गौतम व्हीलचेयर व परिजन संग मतदान कक्ष तक पहुंच सके।
चार सगी बहनों ने किया मतदानप्रकाश रोड नगरा राउमावि में मतदान करने आईं चार सगी बहनों ने पहली बार एक साथ मतदान किया। अंजली, कुसुम, कुमकुम व स्नेहा ने एक साथ मतदान किया। इनका कहना रहा कि महिलाओं के रोजगार व सशक्तीकरण करने वाले जनप्रतिनिधि को चुनना चाहिए।