महावीर भट्ट
पुष्कर (अजमेर).
विश्व प्रसिद्ध जगतपिता ब्रह्माजी Lord Brahma का एकमात्र मंदिर तीर्थराज पुष्कर अजमेर में स्थापित है। मान्यता है कि सतयुग में सृष्टि की उत्पत्ति के दौरान पत्नी सावित्री के यज्ञ स्थान पर देरी में आने के बाद गाय के मुख से निर्मित गायत्री रूपी धर्मपत्नी से गंधर्व विवाह करके ब्रह्मा ने यज्ञ शुरू किया था। कुछ समय बाद पहली पत्नी सावित्री के आने पर दूसरी पत्नी को ब्रह्मा के साथ बैठा देख क्रोधित हो गई। उसने श्राप दिया था कि पूरे विश्व में ब्रह्मा का मंदिर एक ही रहेगा। यही कारण है कि पुष्कर में ब्रह्माजी का एकमात्र विश्व विख्यात मंदिर है। इसके अलावा पास में गायत्री विराजमान है। सावित्री माता का मंदिर ब्रह्माजी के पश्चिम दक्षिण कोने पर रत्नागिरी पर्वत पर स्थित है। माना जाता है कि सावित्री के श्राप के कारण ही जगत पिता ब्रह्माजी की पूजा का महत्व शास्त्रोक्त नहीं है तथा जल रूपी नारायण पुष्कर सरोवर की पूजा-अर्चना करने का महत्व है।
वीडियो क्रेडिट- महावीर भट्ट, सहयोग- प्रीति भट्ट व अमित शर्मा