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बीसलपुर बांध में पानी की कमी से खिंची चिंता की लकीरें

सुस्त मानसून का असर : पांच प्रमुख बांधों में अब 25 प्रतिशत से कम पानी, बीते साल के मुकाबले इस बार जुलाई माह आया 6 प्रतिशत कम पानी  

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बीसलपुर बांध में पानी की कमी से खिंची चिंता की लकीरें

बीसलपुर बांध में पानी की कमी से खिंची चिंता की लकीरें

प्रदेश में अब तक रही मानसून चाल ने जलदाय व जल संसाधन विभाग के अफसरों को चिंता में डाल दिया है। कई बांधों में पानी नहीं है जिससे पेयजल किल्लत के आसार नजर आने लगे हैं। अजमेर, जयपुर और टोंक की लाइफ लाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध में भी जल स्तर लगातार गहराता जा रहा है।
राजधानी जयपुर की 35 लाख की आबादी के लिए पेयजल सप्लाई करने वाले बीसलपुर बांध में अब महज 9 टीएमसी पानी ही शेष रह गया है। इस पानी से आगामी 180 दिन ही जयपुर शहर की पेयजल जरूरतें पूरी हो सकेंगी। मानसून की चाल यही रही तो जल्द ही जयपुर शहर जलदाय विभाग को पेयजल व्यवस्था के लिए अन्य वैकल्पिक उपायों की ओर बढऩा होगा। बीते साल 13 जुलाई को जहां प्रदेश के 22 बड़े बांधों में 5086 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी था। वहीं इस महीने की 13 जुलाई को 4294 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी है। इससे कमजोर मानसून की तस्वीर साफ हो रही है और बांधों में पिछले साल के मुकाबले 6 प्रतिशत कम पानी की आवक हुई।

पांच प्रमुख बांधों में पानी की स्थिति
टोंक बीसलपुर बांध 24 प्रतिशत
पाली जवाई बांध 15 प्रतिशत
धौलपुर पार्वती बांध 16 प्रतिशत
राजसमंद 12 प्रतिशत
दौसा मोरेल बांध 9 प्रतिशत
बूंदी गुढ़ा डेम 3 प्रतिशत