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Worship: महिलाओं ने किया बछबारस पूजन, सुनी कथा-कहानी

गाय के दूध और गेहूं से निर्मित भोजन, कटी हुई हरी सब्जी का प्रयोग नहीं किया जाता है।

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bachbaras pujan ajmer

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अजमेर.

शहर में महिलाओं ने रविवार को घर-परिवार में खुशहाली के लिए परम्परानुसार गौ-वत्स द्वादशी (बछबारस) का पूजन किया। इसके तहत विभिन्न इलाकों में महिलाओं ने समूह में गौ और बछड़े को तिलक लगाकर, लाल-गुलाबी कपड़ा ओढ़ाकर पूजन किया। साथ ही बछबारस की कथा-कहानी सुनी।

कोरोना संक्रमण के चलते ज्यादा भीड़ नजर नहीं आई। घरों में मक्का-बाजरा का आटा, अंकुरित चने, मोठ, मंूगयुक्त भोजन बनाया गया। उल्लेखनीय है कि बछबारस पर गाय के दूध और गेहूं से निर्मित भोजन, कटी हुई हरी सब्जी का प्रयोग नहीं किया जाता है।

झमाझम बरसने के बजाय खामोशी

अजमेर. मानसून अजमेर जिले से रूठा हुआ है। भादौ के बादलों ने रविवार सुबह मामूली बौछारें छोड़ीं। इसके बाद से झमाझम बरसने के बजाय खामोशी ओढ़े हैं। अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 26.0 डिग्री है।

शनिवार सुबह से आसमान पर काले बादलों ने आसमान पर चादर तानी है। सुबह 7 बजे बादलों ने फुहारें छोड़ी। बरसात और बादलों के चलते मौसम खुशगवार है। आधा अगस्त बीतने को है। लेकिन मानसून रूठा हुआ है।

यहां पड़ी फुहारें
शहर के वैशाली नगर, पंचशील, माकड़वाली रोड,आगरा गेट, नसीराबाद रोड, धौलाभाटा, जयपुर रोड, आदर्श नगर, पुष्कर रोड सहित किसी इलाके में फुहारें गिरीं। शनिवार की तरह तेज बौछारों ने नहीं भिगोया। मौसम विभाग ने 1 जून से अब तक 306.8 मिलीमीटर बरसात दर्ज की है।