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ajmer दो गज जमीन के टुकड़े के खातिर ही सगे छोटे भाई को मौत के घाट उतार दिया

किसी को उम्मीद नहीं थी कि कादेड़ा जैसे छोटे गांव में भी ऐसी वारदात हो सकती है,पुलिस ने हत्या के 24 घंटे के भीतर ही बड़े भाई क धर-दबोचा,जमीन हड़पने की मंशा से सगे भाई ने किया जुर्म

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ajmer  दो गज जमीन के टुकड़े के खातिर ही सगे छोटे भाई को मौत के घाट उतार दिया

केकड़ी पुलिस की गिरफ्त में अपने छोटे भाई की हत्या का आरोपी ग्राम कादेड़ा निवासी बड़ा भाई लादूराम।

ajmer अजमेर/केकड़ी. निजी स्वार्थ के आगे अब कोई रिश्ते मायने नहीं रखते। अब जमाना बदल रहा है। रिश्ते दरकने लगे हैं। रिश्तेदारों के बीच नैतिकता, अपनत्व, सम्मान, आदर्श व त्याग गुजरे जमाने की बात है। पहले यह माना जाता था कि अपराध केवल शहरों में ही अधिक होते हैं, लेकिन अब तो ग्रामीण इलाके भी इससे अछूते नहीं रहे।

इसका एक प्रणाण केकड़ी उपखंड के कादेड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर उजागर हुआ है। यहां एक ही मां की कोख से जन्मे बड़े भाई ने जमीन हड़पने की मंशा से अपने सगे भाई को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने में आरोपी ने भले ही चालाकी की हो, लेकिन पुलिस जांच में हकीकत सामने आ गई। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आपरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया।

सगे भाई लादूराम को देखा

केकड़ी पुलिस थानाधिकारी महावीर प्रसाद शर्मा के अनुसार ग्रामीणों ने मृतक की पहचान राजेन्द्र आचार्य (42) पुत्र सोहनलाल आचार्य के रूप में की। मृतक के गले में रस्सी का फंदा कसा था। सिर पर भारी भरकम पत्थर से वार किया हुआ था। पुलिस को खून से सना पत्थर भी बरामद कर लिया। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि मृतक के साथ अंतिम बार उसके सगे भाई लादूराम को देखा गया था। दोनों शनिवार को पैदल ही नर्सरी की तरफ जाते देखे गए थे। नर्सरी की तरफ जाते समय लादूराम के हाथ में रस्सी के दो टुकड़े व कपड़ा भी था।

लकड़ी काटने के बहाने ले गया नर्सरी

पुलिस पूछताछ में आरोपी लादूराम ने स्वीकार किया कि वह अपने भाई से जमीन हड़पना चाहता था। शनिवार को उसने भाई राजेन्द्र को विश्वास में लेकर लकड़ी काटने के बहाने नर्सरी की तरफ ले गया। यहां एक कमरे में रस्सी का फंदा भाई के गले में डाल कर कस दिया। इसके बाद उसने वहां पड़े पत्थर से सिर, मुंह व सीने पर वार किए। वारदात के बाद वह घर लौट आया।

मृतक के चचेरे भाई टीकम आचार्य ने पुलिस को रिपोर्ट में बताया कि शनिवार को जब देर शाम तक राजेन्द्र वापस घर नहीं लौटा तो आसपास उसकी तलाश की गई। लादूराम से पूछने पर पहले तो उसने टालमटोल की। बाद में उसने बताया कि वह लकड़ी काटने गया है।

जमीन विवाद ने बनाया अपराधी

ग्रामीणों के अनुसार दोनों भाइयों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी लादूराम अपने हिस्से की जमीन पिता की सहमति से पहले ही बेच चुका है। पिता की मौत दो माह पहले एवं माता की मौत 20 दिन पहले ही हुई थी। माता-पिता की मौत के बाद अब उसकी नजर भाई के हिस्से की जमीन पर थी।

पुलिस के अनुसार मृतक राजेन्द्र अविवाहित था। वहीं आरोपी लादूराम के दो लडक़े व दो लड़कियां है। आरोपी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसका भाई स्वभाव से एकदम सीधा सादा था, लेकिन जमीन की बात चलते ही वह गाली-गलौच करता था। रोज-रोज इससे तंग आकर उसने भाई की हत्या कर दी।

वारदात का खुलासा करने में यह रहे शामिल

कादेड़ा में अपने छोटे सगे भाई की हत्या के बाद मामले की जांच में पुलिस ने तत्परता बरती। इसी का नतीजा रहा कि राज जल्द ही खुल गया। हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में थानाधिकारी महावीर प्रसाद शर्मा, एसआई लक्ष्मण सिंह, एएसआई सरवर खान, हैड कान्स्टेबल सम्पतराज मीणा, कांस्टेबल शुभकरण, रामराज सामरिया, पंकज लक्षकार व सुखलाल शामिल रहे।