अजमेर. युवा देश के भाग्य विधाता, भविष्य के नेता और सामाजिक बदलाव के संवाहक हैं। युवाओं को पूरी ताकत और मनोयोग से प्रदेश-राष्ट्र के निर्माण में जुटना चाहिए। यह बात भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने मंगलवार को सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के छात्रसंघ कार्यालयों के उद्घाटन समारोह में कही।
डॉ. पूनिया ने एसपीसी-जीसीए में आयोजित समारोह में कहा कि युवाओं ने जब-जब ठाना है बदलाव हुआ है। उन्होंने खुद भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संस्कार और सीख मिलना स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि युवा सरकार, राष्ट्र और समाज को बदलने की कूवत रखते हैं। उन्हें चारित्रिक मूल्यों, संस्कारों और देश-समाज की गरिमा का ध्यान भी रखना चाहिए।
अजमेर-दक्षिण विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि छात्रसंघ समय पर होने चाहिएं ताकि छात्रशक्ति को कामकाज के अवसर मिले। विधायक अनिता भदेल ने शैक्षिक संस्थानों में अच्छे कोर्स, पर्याप्त फेकल्टी होने पर जोर दिया। पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। प्राचार्य डॉ.काइद अली खान ने अतिथियों का स्वागत और संचालन डॉ.अनिता शर्मा, मोनिका मिश्रा,डॉ. आशुतोष पारीक ने किया।
युवाशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका
महर्षि दयानंद सरस्वती विवि में आयोजित समारोह में पूनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाशक्ति की अहम भूमिका है। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला ने कहा कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, प्रश्न क्षमता, परिश्रम और नेतृत्व के गुण होने चाहिएं। पुष्कर विधायक सुरेश रावत, एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री होशियार सिंह मीणा ने भी संबोधित किया। रोनी अमीन ने गीत सुनाए। संचालन डॉ. राजू शर्मा ने किया।
यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में डीन छात्र कल्याण प्रो. शिवप्रसाद, डीन स्टूडेंट डॉ. रीना व्यास, डॉ. अनिल दाधीच, उप महापौर नीरज जैन, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष माधोराम चौधरी, आशूराम डूकिया, छात्रसंघ अध्यक्ष सुरेंद्र गुर्जर सहित की अन्य छात्रनेता मौजूद रहे।
झलकियां…
बस कुछ ही माह का संकट. . .
जीसीए में पूनिया ने युवाओं का जोश देखते हुए कहा कि बस छह-आठ महीने का संकट और है, फिर ठीक होगा। आपको नौकरियां भी मिलेंगी, ब्याह भी होंगे। रीट में पेपर आउट पर जिस तरह लड़के-लड़कियां की सगाई टूटी, हम नहीं होने देंगे।
बगैर धक्का-मुक्की पहुंचा. . .
यूनिवर्सिटी में कम भीड़ देखकर पूनिया ने चुटकी लेकर कहा कि मैं बिना धक्का-मुक्की के पहुंच गया, अच्छा लगा। पता चला कि यहां जितने बच्चे हैं उतने ही पढ़ाने वाले टीचर हैं…। वैसे भी नेताओं के लम्बे भाषणों से ऊबकर या तो टेंट वाला बचता है या अपना कोई मिलने वाला।
टीचर लगा दो, होगा भला. . .
छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल गोदारा ने कहा कि यूनिवर्सिटी में 13 टीचर हैं। गेस्ट फेकल्टी पढ़ाती है। पूनिया साहब मेरे बाद कई अध्यक्ष बनेंगे आप तो यहां टीचर की भर्ती करा दो…तो भला होगा।