
roadways bus strike
अजमेर.
राज्य के परिवहन मंत्री युनूस खान ने कहा कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) घाटे में है सातवें वेतन आयोग का परिलाभ रोडवेज/राज्य सरकार नहीं दे सकती है। रोडवेज के कार्मिक व सेवानिवृत कार्मिकों पर 72 करोड़ रुपए प्रतिमाह वेतन पर खर्च हो रहा है इसमें से 45 करोड़ रुपए राज्य सरकार दे रही है।
अजमेर में पत्रकारों से मुखातिब परिवहन मंत्री खान ने कहा कि देश में एक मात्र राजस्थान ही ऐसा प्रदेश है जहां की सरकार रोडवेज को पैसा दे रही है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सहृदयता के चलते रोडवेज को पैसा दिया जा रहा है जबकि रोडवेज कामर्शियल वाहन है अपने कार्मिकों का भुगतान, डीजल मेंटीनेंस आदि का वह स्वयं वहन करे।
उन्होंने कहा कि अशोक जैन की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार रोडवेज वर्तमान में घाटे में है। उन्होंने कहा कि रोडवेज की हड़ताल व नेताओं को कांग्रेस एवं रोडवेज के रिटायर्ड कर्मचारी चला रहे हैं। उन्होंने रोडवेज कार्मिकों, पदाधिकारियों से आह्वान किया कि सरकार वार्ता के लिए तैयार है, वार्ता में बात करे और हड़ताल खत्म कर काम पर लौटें।
उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि रोडवेज हड़ताल की आड़ में नहीं बल्कि 2018 के विधानसभा चुनाव में सीधी आकर भाजपा व राज्य सरकार से चुनाव लड़े। खान ने कहा कि आमजनता की सुविधा के लिए लोक परिवहन सेवा की बसें संचालित की जा रही है।
अगर किसी भी लोक परिवहन सेवा के कंडक्टर की ओर से तय किराए से अधिक राशि लेने की शिकायत मिलेगी तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अशोक जैन कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सरकार निर्णय करेगी।
प्रधानमंत्री की सभा से नहीं रोडवेज का लेना देना
जब पत्रिका ने प्रधानमंत्री की सभा से पहले हड़ताल समाप्त करने का सवाल पूछा तो परिवहन मंत्री खान ने कहा कि हड़ताल का प्रधानमंत्री की सभा से कोई लेना देना नहीं है। हड़तालकर्मी इसे प्रधानमंत्री की यात्रा से जोडकऱ नहीं देंखें। वे अपने अंदर झांकें की क्या हड़ताल जायज है। हमने रोडवेज कार्मिकों व पदाधिकारियों को संदेश भेजा है कि वे वार्ता कर हड़ताल समाप्त करे।
Published on:
28 Sep 2018, 5:06 PM IST
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