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अलीगढ़ एनकाउंटर मामले में आया नया मोड़, बढ़ सकती हैं पुलिस की मुश्किलें

एनकाउंटर में मारे गए नौशाद और मुस्तकीम के परिजनों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया था।

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Aligarh Encounter

अलीगढ़ एनकाउंटर मामले में नया मोड़, बढ़ सकती हैं पुलिस की मुश्किलें

अलीगढ़। 20 सितंबर को अलीगढ़ के हरदुआगंज में हुए एनकाउंटर के बाद उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एनकाउंटर में मारे गए नौशाद और मुस्तकीम के परिजनों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया था। मामले की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन आगे आया था। इस मामले में अंतरराष्ट्रिय मानवाधिकार संगठन ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्यपाल राम नाईक को सौंप दी है।

राज्यपाल को सौंपी रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक अंतरराष्ट्रिय मानवाधिकार संगठन का चार सदस्यीय जांच दल दो अक्टूबर को अलीगढ़ आया था। दल के सभी सदस्यों ने एनकाउंटर में मारे गए नौशाद और मुस्तकीम के परिजनों के बयानन लिए साथ ही पुलिस से भी जानकारी की। इसके बाद बनी रिपोर्ट अंतरराष्ट्रिय मानवाधिकार संगठन ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक को सौंप दी है। अब रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी सौंपी जाएगी।

क्या था मामला

दरअसल 20 सितंबर को अलीगढ़ के कस्बा हरदुआगंज में पुलिस ने नौशाद और मुस्तकीम को मुठभेड़ में मार गिराया था। इस एनकाउंटर से पहले पुलिस ने बाकयदा मीडियाकर्मियों को बुलाया। लाइव एनकाउंटर की रिकॉर्डिंग की गई। पुलिस की इस पहल पर कई तरह की चर्चाएं हुईं। मुस्तकीम और नौशाद के परिजनों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया वहीं पुलिस का दावा है कि दोनों ने हरदुआगंज, पालीमुकीमपुर में तीन साधुओं समेत छह लोगों की हत्या की थी।

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