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वन कटे तो भारत के पर्यटन उद्योग को होगी जबर्दस्त हानि

एएमयू के कॉमर्स विभाग द्वारा ‘‘बदलते हुए विश्व में पर्यटन के नये नमूने’’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस आयोजित की गई है।

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Aligarh Muslim University

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अलीगढ़। आईआईटीएम के निदेशक डॉ. संदीप कुलश्रेष्ठ का कहना है कि पर्यटन और वनों का सीधा संबंध है। वातावरण के संतुलन को बनाए रखने तथा वनों के कटान पर रोक लगाए जाने की महती आवश्यकता है, वरना देश में पर्यटन उद्योग को जबरदस्त हानि पहुंच सकती है। वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग द्वारा पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से ‘‘बदलते हुए विश्व में पर्यटन के नये नमूने’’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

रोजगार की संभावनाएं
कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि उनकी इस बात में अत्यधिक रुचि है कि वह नये खोज किये गये पर्यटन स्थलों की सैर करें। उन्होंने कहा कि नये पर्यटन स्थल की खोज के साथ ही रोजगार की संभावनाएं भी विकसित होंगी। कांफ्रेंस के निदेशक प्रो. एस हुसैन अशरफ ने कहा कि पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यक्तियों को क्रॉस कल्चर प्रशिक्षण दिये जाने की आवश्यकता है, ताकि जब कोई विदेशी हमारे देश में आए तो उसे किसी भी स्तर पर अजनबी होने का आभास न हो सके।

एएमयू में अलग विभाग बने
कॉमर्स संकाय के अधिष्ठाता प्रो. नवाब अली खान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पर्यटन का अलग से विभाग स्थापित किये जाने की महती आवश्यकता है। कॉमर्स विभाग के अध्यक्ष तथा अमुवि के प्रोक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने कहा कि देश में पर्यटन पर जितने भी शोध कार्य, कार्यशालाएं, कांफ्रेंस तथा सेमिनार आयोजित होते हैं, उनका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को विकसित करना तथा युवाओं में पर्यटन के प्रति रुचि पैदा करना होना चाहिए।

नए पर्यटन स्थलों की खोज

मुख्य भाषण प्रस्तुत करते हुए ट्रेविल ट्रेड के एक्जीक्यूटिव एडिटर इम्तियाज मुकबिल ने कहा कि वर्तमान में पर्यटन उद्योग को विकसित करने के लिये साकारात्मक चिंतन के साथ इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर शोध की महती आवश्यकता है। यह काम देश के विश्वविद्यालय बेहतर कर सकते हैं। कांफ्रेंस की आयोजन सचिव प्रो. शीबा हामिद ने बताया कि हाल ही में कॉमर्स विभाग में पर्यटन के छात्रों ने अलीगढ़ तथा उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में कई नये पर्यटन स्थलों की खोज की है। यह विभाग के अध्यापकों के उचित मार्गदर्शन तथा छात्रों के कठोर परिश्रम का परिणाम है।

शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे
तीन दिन तक चलने वाली इस कांफ्रेंस में जापान के वसेदा विश्वविद्यालय टोकियो की प्रो. तानियां होसेन, इंटरनेशनल इस्लामिक विश्वविद्यालय क्वालामपुर मलेशिया के प्रो. खालिक अहमद, जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली के प्रो. नमित चौधरी, आईआईटीटीएम नोएडा की प्रो. मोनिका प्रकाश, भगतफूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की डॉ. शिफाली नागपाल तथा यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा राजस्थान की अनुकृति शर्मा अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगी। इस अवसर पर डॉ. मोहम्मद शमीम अन्सारी, डॉ. मोहम्मद तकी, मो. असद, शाहरुख खान , आयशा अहमद, जीनत फात्मा तथा डॉ. सीमा तरब भी मौजूद थीं।