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अलीगढ़। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कठेरिया ने बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को चुनौती है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में दलितों को आरक्षण दिलाने के लिए नेतृत्व करें, मैं पीछे रहकर काम करूंगा।
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एएमयू में आरक्षण की समीक्षा
डॉ. कठेरिया यहां मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दलितों को आरक्षण देने के मामले की समीक्षा करने आए थे। उन्होंने सर्किट हाउस में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उपकुलपति और कुलसचिव को बुलाकर पूरी जानकारी ली। उनके सवालों का जवाब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अधिकारी नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है, इसलिए दलितों और पिछड़ों को आरक्षण दे। फिलहाल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दलितों और पिछड़ों के लिए प्रवेश में कोई आरक्षण नहीं है। देश के अन्य विश्वविद्यालयों में आरक्षण लागू है।
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मायावती दलितों की हितैषी नहीं
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मायावती दलितों की हितैषी नहीं हैं,क्योंकि चार बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी कुछ नहीं किया। अगर सच्ची दलितों की हितैषी हैं और अलीगढ़ मुस्लिम यूनवर्सिटी के मुद्दे पर अगर आप दलितों के अधिकार की लड़ाई सड़क पर लड़ती हैं, तो हम आपके पीछे खड़े होकर आपका समर्थन करेंगे, नेतृत्व आपको देंगे। आप में दलितों के हितों की लड़ाई लड़ने की हिम्मत होनी चाहिए।
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एक माह बाद जवाब देगा एएमयू
उल्लेखनीय है कि डॉ रामशंकर कठेरिया ने का कहना था कि सर्वोच्च न्यायालय तक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मुस्लिमों को 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव ठुकरा चुका है। हालांकि सुनवाई के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने जवाब देने के लिए एक माह का समय मांगा है। बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने एक बयान जारी कर खुद को अल्पसंख्यक संस्थान बताया और कहा कि पूरे प्रमाण प्रस्तुत किए जाएंगे।
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Published on:
04 Jul 2018 11:04 am
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