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AMU शोधार्थी आफ़ाक़ अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत, निष्कासन रदृ

  अलीगढ मुस्लिम यूनिव​र्सिटी से 6 साल के निष्कासित किये मे मास कम्यूनिकेशन के में शोधार्थी आफ़ाक़ अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

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Vikas Kumar

Nov 29, 2016

Allahabad High Court

Allahabad High Court

अलीगढ़.
अलीगढ मुस्लिम यूनिव​र्सिटी से 6 साल के निष्कासित किये मे मास कम्यूनिकेशन के में शोधार्थी आफ़ाक़ अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने छात्र नेता आफ़ाक़ के ऊपर लगे सारे आरोपों को निराधार बताया है। छात्र के निष्कासन को अवैध क़रार दिया है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद आफ़ाक़ अब पी.एच.डी. में वर्तमान सत्र 2016-17 में अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।


आफ़ाक़ पर कैंपस में घुसने पर थी पाबंदी

विदित रहे कि ए.एम.यू. छात्रसंघ ने भी इंतज़ामिया की बोली बोलते हुए निष्कासन की वजह से आफ़ाक़ को अपराधी बताते हुए प्रॉक्टर के माध्यम से थाना सिविल लाइन्स में तहरीर दी थीं तहरीर मे कहा गया था कि आफ़ाक़ पर कैंपस में घुसने पर पाबंदी होते हुए भी इनका लगातार कैंपस में प्रवेश जारी है। इस सिलसिले में आफ़ाक़ ने अलीगढ़ के जिलाधिकारी को सूचनार्थ एक चिट्ठी भी थमायी हुयी है, जिसमें लिखा है कि आफ़ाक़ को अपराधी तब तक नहीं ठहराया जा सकता है जब तक माननीय उच्च न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता।


हाईकोर्ट ने बताया आफक समेत जुनेद का निलंबन अवैध

आफ़ाक़ का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद अब ए.एम.यू. छात्र संघ पदाधिकारी भी कठघरे में खड़े हो गये है। जो समय से पहले ही अपने ही साथी छात्र को अपराधी क़रार दे रहे थे। हाईकोर्ट ने आफक के साथ बी.एस.डब्ल्यू. के छात्र जुनेद अहमद के निलंबन को भी अवैध ठहराया है। जुनेद पर एक हज़ार रुपये का फाइन, वी.एम. हॉल से बेदखली यानि एन.आर.एस.सी., भविष्य में यूनिवर्सिटी में किसी भी कक्षा में दाखिले पर प्रतिबंध था। इसे भी कोर्ट ने सिरे से ख़ारिज कर दिया है। इस तरह अब जुनेद को शिक्षा सत्र 2016-17 बी.एस.डब्ल्यू. अंतिम वर्ष में पढ़ाई जारी रखने का फैसला बड़ी राहत देने वाला है।


यूनिवर्सिटी से 6 साल के लिए था निष्कासन

अगस्त माह मे वी.एम. हॉल प्रांगण में 'हॉल ट्रांसफर' के ख़िलाफ़ धरना देने की वजह से आफ़ाक़ को पहले निलंबित किया गया था और 23 अगस्त 2016 को कुलपति की संस्तुति पर प्रॉक्टर ने आफ़ाक़ को यूनिवर्सिटी से 6 साल के लिए निष्कासित किया था। आफ़ाक़ अहमद के सभी वस्त्र, गद्दे, गर्म कपड़े की शेरवानियां, मोटरसाइकिल, ए.टी.एम., पासबुक, पासपोर्ट इत्यादि भी इंतज़ामिया ने वी.एम. हॉल में ज़ब्त कर लिया था।


ए.एम.यू. इंतज़ामिया को कड़ी फटकार

आफ़ाक़ के साथ एक अपराधी की तरह का व्यवहार अपनाने के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने भी सख़्त रवैया अपनाते हुए ए.एम.यू. इंतज़ामिया को कड़ी फटकार लगायी है। जुनेद को भी धरना-प्रदर्शन में भाग लेने और विरोध करने के कारण इंतज़ामिया ने अपने कोपभाजन का निशाना बनाया था। जिस पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख़ अपनाते हुए इंतज़ामिया के अड़ियल रवैये की निंदा की है और भविष्य में लोकतांत्रिक प्रदर्शनों की खुली छूट देने की बात दोहरायी है।



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