
बीजेपी ने सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर वार्डो में उतारे प्रत्याशी
उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की टैगलाइन भाजपा की ओर घोषित वार्ड प्रत्याशियों की सूची पर साफ दिखाई दे रही है. 90 में से 88 वार्डों पर पार्टी ने प्रत्याशी उतारे हैं. वहीं पहली बार 17 वार्डों पर मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दी गई है. इसके अलावा 15 नगर पंचायतों में से एक पिलखना पर अध्यक्ष पद के लिए जमीला खातून को प्रत्याशी बनाया है.
लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के पशमांदा मुस्लिमों को पार्टी से जोड़ने का असर निकाय चुनाव के प्रत्याशी घोषित किए जाने पर दिख रहा है. बीते पांच सालों में भाजपा मुस्लिम वोटों को रिझाने के लिए तमाम दांव खेलती रही है. चाहें तीन तलाक का मुद्दा हो या फिर अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाएं. पार्टी के तमाम बड़े नेता भी अपनी बैठकों में इस बात को दोहराते आए हैं कि मुस्लिम वर्ग का रूझान भाजपा की ओर बढ़ रहा है. रूझान कितना बढ़ा है, यह अलीगढ़ नगर निगम के 88 वार्ड प्रत्याशियों का चयन किए जाने में साफ दिखाई दिया है. 2017 के निकाय चुनाव में भाजपा ने कुल 70 में से 56 वार्डों में ही प्रत्याशी उतारे थे. मुस्लिम बाहुल्य वाले वार्डों में पार्टी को कोई प्रत्याशी नहीं मिला था. सिर्फ दो वार्डों पर ही मुस्लिम प्रत्याशी उतारे जा सकते थे. जो कि कुल 3.57 प्रतिशत था. इस बार भाजपा ने पहली बार रिकार्ड प्रत्याशियों के साथ-साथ सबसे ज्यादा 17 मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं.
मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में उतारे प्रत्याशी
सपा हमेशा से ही मुस्लिम वोट बैंक पर अपना दावा ठोकती रही है. वह इसलिए भी क्योंकि 2017 सपा के बैनरतले अधिकतम मुस्लिम प्रत्याशी ही जीते थे. जिन मुस्लिम बाहुल्य इलाकों भाजपा का झंडा उठाने वाला कोई नहीं होता था. इस बार वहां से कमल के फूल पर मुस्लिम प्रत्याशी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं. मकदूम नगर, बदरबाग, नगला आशिक अली, दोदपुर, जाकिर नगर, मौलाना आजाद नगर सहित अन्य इलाकों में भाजपा प्रत्याशी दूसरे दलों को टक्कर देंगे.
Published on:
27 Apr 2023 11:53 am
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