
bijli chori
जैसलमेर. सीमावर्ती जैसलमेर जिले में बिजली चोरी की रोकथाम के लिए डिस्कॉम की ओर से बड़े पैमाने पर की गई छापेमारी से निजी ट्रांसफार्मर लगाकर ११ केवी की चलती लाइनों से बिजली चोरी की हकीकत सामने आने से यह सवाल खड़ा हो गया है कि अब तक कितने लाख यूनिट की बिजली चोरी कर सरकारों को करोड़ों रुपए की लगाई गई चपत का हिसाब कौन देगा? सांठ-गांठ से चल रहे बिजली चोरी के खेल का सच अब सामने आया है। गौरतलब है कि डिस्कॉम के चार कार्मिकों के खिलाफभी विजिलेंस पुलिस थाना में मामले दर्ज हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार जैसलमेर जिले के कृषि क्षेत्रों में अवैध तौर पर बिजली चोरी करने वाले निजी ट्रांसफार्मर लगाकर और उनके जरिए ११ केवी की चलती लाइन से प्रतिमाह ३० लाख यूनिट तक की बिजली चुराकर डिस्कॉम को करोड़ों रुपए की चपत प्रतिमाह लगा रहे हैं। ऐसे अब तक एक दर्जन से अधिक मामले पकड़े जा चुके हैं लेकिन जानकारों के मुताबिक यह खेल १५०-२०० जगहों पर चल रहा है। सख्ती के बाद अब तक २ सहायक अभियंता, १ कनिष्ठ अभियंता और २ अन्य कार्मिकों को निलम्बित किया जा चुका है। गत दिनों करालिया में बिजली चोरी रोकने गई टीम पर हमले के बाद डिस्कॉम विजिलेंस के अधिशासी अभियंता को भी निलम्बित किया गया है।
‘उदय’ का प्रभाव
-विशाल भौगोलिक क्षेत्रफल वाले जैसलमेर जिले में बिजली की छीजत को कम करने का लक्ष्य आधारित टास्क मिलने से स्थितियां बदल गई।
-केन्द्र सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की माली हालत को सुधारने के लिए राशि स्वीकृत करने के लिए छीजत को मार्च, २०१८ तक १५ प्रतिशत तक करने की शर्त रख दी।
- राज्य सरकारों व बिजली कंपनियों के साथ त्रिपक्षीय समझौते को उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) नाम दिया।
-इसी उदय योजना के तहत जैसलमेर जिले में जहां बिजली की छीजत २७ प्रतिशत तक पहुंची हुई है, को कम करने के लिए अब युद्धस्तर पर अभियान छेड़ा गया है।
अभियंतावार दिए गए हैं लक्ष्य
जानकारी के अनुसार जोधपुर डिस्कॉम क्षेत्र के सभी अभियंताओं को बिजली चोरी की रोकथाम के लिए लक्ष्य आबंटित कर दिए गए हैं। बताया जाता है कि प्रत्येक सहायक अभियंता को महीने में कम से कम ६ मामले पकडऩे का लक्ष्य मिला है। इसके बाद से जिले में अवैध बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाइयों में तेजी आई है। हालांकि गत दिनों के दौरान डिस्कॉम के दलों पर राजमथाई, लाठी, धोलिया और करालिया में हमला किए जाने की घटना से अभियंताओं व कार्मिकों में दहशत का वातावरण बन गया है।
कृषि कनेक्शनों पर लगी है रोक
बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच जिले के किसानों में कृषि कनेक्शनों पर रोक संबंधी राज्य सरकार के निर्णय को लेकर रोष है। गौरतलब है कि नवम्बर २०१५ से राज्य सरकार ने प्रदेश भर में कृषि कनेक्शनों पर रोक लगा दी है। वर्तमान में ५०० से ज्यादा आवेदक कृषि कनेक्शन के लिए कतार में बताए जाते हैं।
फैक्ट फाइल -
-२७ प्रतिशत छीजत है जैसलमेर जिले में
-०६ अधिकारी और कार्मिक हुए निलम्बित
-३० लाख यूनिट की प्रतिमाह चोरी का अनुमान
-०४ जगहों पर हो टीमों पर गत दिनों में हो चुके हमले
-२०० जगहों पर अवैध ट्रांसफार्मर्स से चोरी की आशंका
जारी रहेगा अभियान
जिले में बिजली चोरी की रोकथाम के लिए डिस्कॉम की ओर से चलाया जा रहा अभियान अनवरत जारी रहेगा। कार्मिकों पर हमले की घटनाओं के मद्देनजर जरूरी पुलिस इमदाद हासिल करते हुए कार्रवाइयां की जाएंगी।
- एमएल चौधरी, अधीक्षण अभियंता, डिस्कॉम जैसलमेर
Published on:
16 Oct 2016 09:42 pm
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