
देवशयनी एकादशी के साथ ही चार जुलाई से शादियों पर रोक लग जाएगी। सावों की धूम फिर से चार माह बाद होगी। देवशयनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है। हालांकि 31 अक्टूबर को चातुर्मास समाप्त हो जाएंगे। आचार्य प्रदीप दवे के अनुसार चातुर्मास समाप्ति के 17 दिन बाद नवम्बर में ही विवाह मुहूर्त बन रहे हैं। दिसंबर तक मात्र 15 विवाह मुहूर्त हैं। 2018 में फरवरी में फिर से शहनाइयां गूंजेंगी। पैराणिक मान्यता के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान श्रीहरी शयन पर जले जाते हैं तथा चार माह बाद जागते हैं। इसके अनुसार 31 अक्टूबर को देवउठनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास समाप्त होंगे और शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। शहर समेत जिलेभर में तीन माह से शादी समारोह होने के कारण बाजारों में रौनक थी, लेकिन अब यह नवम्बर-दिसंबर में फिर से होगी।े
Published on:
03 Jul 2017 09:04 am
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