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भाजपा में शामिल होने के बाद नरेश अग्रवाल पर आई ये मुसीबत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जातिगत टिप्पणी को लेकर पड़ सकते हैं कानूनी पचड़ों में।

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Naresh Agrawal

Naresh Agrawal

अलीगढ़। नरेश अग्रवाल भाजपा में शामिल होने के बाद भले ही ये सोच रहे हों कि उनके सारे दाग अब धुल गए हैं, लेकिन जनता आज भी उनकी पिछली करतूतें भूली नहीं है। इसका ताजा उदाहरण अलीगढ़ में सामने आया है। हाल ही अलीगढ़ के एडवोकेट सरदार मुकेश सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जातिगत टिप्पणी को लेकर नरेश अग्रवाल के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। इसमें अदालत ने 28 मार्च को पुलिस रिपोर्ट तलब की है। यानी विवादित बयानों से चर्चित रहने वाले नरेश अब कानूनी पचड़ों में फंस सकते हैं।

याचिका में एडवोकेट मुकेश ने कहा है कि करीब एक महीने पहले समाचार पत्रों में नरेश अग्रवाल के संबंध में खबरें आईं थीं। वह लखनऊ में साहू समाज के वैश्य महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ जातिगत टिप्पणी की थी, इस कार्यक्रम में हंगामा भी हुआ था। कार्यक्रम में नरेश अग्रवाल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जातिगत टिप्पणी करने का आरोप है। इस संबंध में जब वे थाना गांधी पार्क में जब मुकदमा दर्ज कराने गये, तो थाने में मुकदमा नहीं लिखा गया। इसके बाद डाक से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भवन को भी प्रार्थना पत्र भेजा। दोनों जगहों से कोई उत्तर नहीं मिलने पर एडवोकेट मुकेश सैनी ने एसीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें कोर्ट ने 28 मार्च को अदालत में रिपोर्ट तलब की है।

नरेश अग्रवाल राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं। अवसर पड़ने पर पार्टी की अदला बदली भी करते रहे हैं। कांग्रेस, लोकतांत्रिक कांग्रेस, बसपा और सपा होते हुए अब वे भाजपा में पहुंच गए हैंं । उनके भाजपा में आने के बाद सोशल मीडिया पर तमाम तरह की बातें चल रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जातिगत टिप्पणी देने से पहले वे कई विवादित बयानों को देकर सुर्खियां बटोरते रहे हैं। हाल ही भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने राज्यसभा टिकट न मिलने को लेकर जया बच्चन पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि डांस करने वालों के नाम पर उनका टिकट काटा गया है। हालांकि उनके इस बयान के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट करके नरेश अग्रवाल के बयान अस्वीकार्य किया था, साथ ही भाजपा ने भी उन्हें फिजूल बयानबाजी न करने की नसीहत दी देकर पार्टी गाइडलाइन को फॉलो करने के लिए कहा था। वहीं इससे पहले वे हिंदू देवी देवताओं, कुलभूषण जाधव आदि पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। करीब एक महीने पहले उन्होंने प्रधानमंत्री पर जातिगत टिप्पणी की थी। इस मामले में एडवोकेट मुकेश सैनी का कहना है कि सपा में रहते हुए नरेश अग्रवाल ने वैश्य सम्मेलन में प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक बयान देकर लोकतंत्र को अपमानित किया है। इसी वेदना को लेकर उन्हें कोर्ट में जाना पड़ा।