
अलीगढ़ में डेंगू की चपेट में आ रहे मरीजों की संख्या बढती जा रही है, यहां न सिर्फ बीमारियों ने डेरा डाल लिया है बल्कि अस्पतालों में फैली अव्यवस्थाओं ने भी मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अलीगढ के एक गांव के प्रधान रमा सिंह तोमर ने तीन दिन पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी से टीम भेजकर जांच कराने की मांग की थी। बृहस्पतिवार दोपहर डॉक्टरों की टीम ने गांव पहुंचकर घर-घर सर्वे किया।
इसमें 15 घरों में डेंगू का लार्वा मिलने से हड़कंप मच गया। हालांकि, जांच में किसी में भी डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। प्रधान रमा सिंह तोमर ने बताया कि लगभग 80 लोगों की रक्त जांच की गई है, कोई भी पॉजिटिव नहीं आया है।
मौतों से खौफ में हैं ग्रामीण
गाँवों में हो रही मौतें मामले को गंभीर कर रहीं हैं। मौत किसी भी वजह से हो फिर भी ग्रामीण डेंगू होने का अंदेशा जताने लगते हैं। गांव पनेहरा निवासी इलमा (17) वर्ष पुत्री जहीर खां को कई दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने उसे चिकित्सक को दिखाया तो डेंगू की पुष्टि हुई। उसके बाद उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर दिया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। डेंगू से पीड़ित एक छात्रा की जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। वहीं एक व्यक्ति की मौत डेंगू से हुई या किसी अन्य कारण से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
तहसील टास्क फोर्स का किया गया गठन
संचारी रोग नियंत्रण जागरूकता अभियान के तहत तहसील टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें डेंगू, मलेरिया, बुखार आदि रोगों की रोकथाम क्या सावधानी बरतें इसके लिए जन जागरूकता अभियान 3 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 16 से 31 अक्टूबर तक घर-घर दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर एसडीएम अनिल कटियार व सीओ मोहसिन खां ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बैठक की।
Published on:
22 Sept 2023 05:24 pm
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