8 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को लेकर डॉक्टर्स कर रहे भूख ​हड़ताल

जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में कर रहे हड़ताल, कॉलेज प्रशासन ने बताया हड़ताल को अवैध  

2 min read
Google source verification
hartal

hartal

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और इंटर्न धरने और भूख हड़ताल पर हैं। इनकी मांग है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू की जाए और अस्पताल की अन्य समस्याएं हैं उनका समाधान किया जाए। वहीं कॉलेज प्रशासन ने रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और इंटर्न ने इस धरने को अवैध करार दिया है। इस हड़ताल से कॉलेज के कामों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।


कॉलेज प्रशासन ने बताया हड़ताल को अवैध
सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने के साथ ही अन्य मांगों को लेकर दिये जा रहे धरने और भूख हड़ताल को कॉलेज प्रशासन ने अवैध करार दिया हैं और धरने को तत्काल वापस लेने के लिए कहा है। हड़ताल खत्म न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की भी बात कही गई है। जिसके बाद जूनियर डॉक्टर और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की आपस में ठन गई है।
कॉलेज के प्रिंसिपल और सीएमएस प्रो.एससी शर्मा ने बताया कि भूख हड़ताल के चलते प्रशासनिक कामों और कॉलेज लाइब्रेरी के कामों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि कॉलेज प्रशासन हड़ताल करने वाले डॉक्टर और इंटर्न की समस्याओं को समाधान को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी।

अधिकारियों के साथ होगी बैठक
एएमयू के वित्त अधिकारी ने हड़ताल को लेकर कहा कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी ने डॉक्टर्स और इंटर्न द्वारा की जा रही इस हड़ताल को वैध बताया । उन्होंने कहा कि धरने से पहले प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी गई थी । अब तक धरना स्थल तक प्रिंसिपल नहीं आए हैं । कुलपति को इस संबंध में पत्र लिख चुके हैं ।