
गिलहराज जी मंदिर अलीगढ़
अलीगढ़ में अचल ताल स्थित प्राचीन गिलहराज जी मंदिर स्थित है। जहां मंदिर में गिलहरी के रूप में हनुमान जी विराजमान है। यह विश्व का एकमात्र हनुमान जी का मंदिर है। जहां हनुमान जी को गिलहरी के रूप में पूजा जाता है। ग्रंथों के अनुसार जब श्री रामचंद्र जी के द्वारा समुंद्र में राम सेतु का निर्माण कराया जा रहा था। तो श्रीराम ने हनुमान जी को कुछ क्षण आराम करने के लिए कहा, लेकिन हनुमान जी आराम करने की जगह गिलहरी का रूप रख समुद्र पर पुल बनवाने मैं मदद करने लगे, गिलहरी रूप में मदद करते देख श्रीराम ने प्रेमभाव से गिलहरी रूप हनुमान जी के ऊपर अपना हाथ फेरा वही हाथ की लकीर आज भी गिलहरी के पीठ पर देखी जाती हैं। वही गिलहरी रूप हनुमान जी अचल ताल स्थित गिलहराज जी मंदिर में विराजमान है।
देश विदेश से श्रद्धालु मंदिर में आते हैं दर्शन को
अचल ताल स्थित गिलहराज जी मंदिर में श्रद्धालु देश विदेश से दर्शन करने आते हैं। श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होने के बाद गिलहराज जी मंदिर में सिंदूर का चोला और बूंदी का प्रसाद चढ़ाते हैं। यह मंदिर सिद्ध पीठ होने की वजह से अपने आप में बहुत सी कथाएं सजोये हुए हैं। मंदिर के आसपास बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार बंदरो को भी खाने पीने की वस्तुएं देते नजर आते हैं। इस मंदिर के पास एक ताल भी मौजूद है। जिसमें लोग मछलियों को दाना भी डालते हैं, जिससे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
Published on:
01 Apr 2023 02:01 pm
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