13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एएमयू में ‘डिस्टिंग्विस्ड एल्युमनाई एवार्ड’ का होगा गठन : वीसी

कार्यक्रम में अमेरिका के प्रमुख उद्यमी ने बताया जीवन जीने की कला

2 min read
Google source verification
student

student

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्व छात्रों का दो दिवसीय सम्मेलन सोमवार को कैनाडी हाल में संपन्न हो गया। विश्वभर से आये पूर्व छात्रों ने जहां एक दूसरे के साथ संवाद कार्यक्रमों में भाग लिया। वहीं इस संस्था के विकास एवं निर्माण में सक्रिय संकल्प को भी दोहराया।

कुलपति प्रो तारिक मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय में शीघ्र ही राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘डिस्टिंग्विस्ड एल्युमनाई एवार्ड’ का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर संकाय के लिए अलग से पूर्व छात्रों के सम्मेलन का आरंभ करने की भी योजना बनाई जा रही है। जिसका आयोजन विश्वविद्यालय स्तर की केन्द्रीय एल्युमनाई अफेयर्स समिति के तत्वाधान में किया जाएगा।

कुलपति ने कहा कि इंटर्नशिप एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्व छात्रों के बच्चों को भी विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा जो कि विश्व के विभिन्न भागों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में अनेक ऐसे विश्वविद्यालय हैं जहाॅ पूर्व छात्रों की संतानों को उनके अभिभावकों के शिक्षण संस्थानों से जोड़ने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।

मुख्य अतिथि रोहतक की पं. एचएल शर्मा यूनीवर्सिटी आॅफ हैल्थ साइंसेज़ के कुलपति प्रोफेसर ओपी कालरा ने कहा कि उनका एमबीबीएस में प्रवेश एएमयू के जेएन मेडीकल काॅलेज व बनारास हिन्दू विश्वविद्यालय में एक साथ हुआ लेकिन पिता की सलाह पर उन्होंने जेएन मेडीकल काॅलेज में प्रवेश लिया। प्रो. कालरा ने कहा कि एएमयू में अध्ययन के दौरान उन्होंने अपने पिता से उर्दू भाषा सीखने का भी अवसर प्राप्त हुआ। प्रो. कालरा ने कहा कि एएमयू ऐसी शिक्षण संस्था है जहाॅ मुस्लिम हिन्दी व संस्कृति सीखते हैं वहीं हिन्दू छात्र उर्दू सीखते हैं।

अमेरिका से पधारे पूर्व छात्र प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर अब्दुल वासे ने कहा कि इस्लाम धर्म में शिक्षा ग्रहण करने पर बहुत बल दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने कुरान की आयत को हवाला देते हुए कहा कि कुरान की इस आयत में मानवता को संबोधित करते हुए कहा गया है कि जिसने उसकी रचना की है वह उसको उसके नाम से पढ़ें। उन्होंने कहा कि धार्मिक गं्रथ लोगों को ज्ञान और बुद्विमता की ओर आमंत्रित करते हैं और सर सैयद ने कड़ी मेहनत के द्वारा अज्ञानता के अंधकार से लोगों को बाहर निकाल कर ज्ञान के प्रकाश का मार्ग दिखाया।

अमेरिका के प्रमुख उद्यमी ताहिर मद्रासवाला ने कहा कि वो अपने जीवन में इस कामयाबी के लिए एएमयू के शिक्षकों के अलावा अपने सीनियर और जूनियर को जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि वो 20 वर्ष की आयु तक शिक्षा ग्रहण करें और बीस वर्ष की आयु तक उस शिक्षा का प्रयोग करें। 40 वर्ष की आयु तक धन अर्जित करें और 50 वर्ष की आयु तक अपने कठिन परिश्रम वाले धन का लाभ उठाएंं। सेवानिवृत होने के बाद दान पुण्य का कार्य करें।

ब्रिटानियाॅ के उपाध्यक्ष श्री अली हारिस शेर ने बताया कि एएमयू की उनकी शिक्षा ने उनहें जीवन के मूल्यों का ज्ञान उपलब्ध कराया है । उन्हें लोगों का आदर करना सिखाया है। बालीवुड अभिनेता सलमान खाॅन के साथ अपनी भेंट को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सलमान ने उनसे कहा कि उनकी बात चीत में एएमयू की तहजबी की परछाई साफ प्रकट होती हैं

इस अवसर पर कुलपति द्वारा एक समाचार पत्र और इखलास अहमद शेरवानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘सर सैयद भारत के अनमोल रत्न’’ का विमोचन भी किया।