
Christmas 2017
अलीगढ़। हिन्दू जागरण मंच ने ऐलान किया है कि किसी भी स्कूल में क्रिसमस डे नहीं मनाने दिया जाएगा। मंच का मानना है कि क्रिसमस डे के नाम पर बच्चों के दिमाग में ईसाइयत को लादने का प्रयास किया जाता है। मिशनरी स्कूलों में ऐसा खासतौर पर किया जाता है।
बच्चों की मानसिकता पर ईसाइयत का प्रभाव
यह निर्णय आज हिन्दू जागरण मंच महानगर हरिगढ़ की एक बैठक में लिया गया। यह बैठक महानगर कार्यालय क्वार्सी पर आहूत की गई। बैठक में कहा गया कि 25 दिसम्बर यानी क्रिसमस डे से पूर्व स्कूल-कालेजों में होने वाले ईसाई धर्म के कार्यक्रमों को न करने के लिए स्कूल प्रबन्धकों को पत्र भेजा जाएगा। महानगर अध्यक्ष सोनू सविता ने कहा क्रिसमस दिवस का संबंध इसाई धर्म से है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में हिन्दू छात्र-छात्राएं अधिक सख्यां में हैं और इसाई बच्चों की संख्या नाममात्र भी नहीं है। फिर भी कुछ विद्यालय इसाई धर्म से सम्बधित ईसा मसीह के कार्यक्रमों में इसाई धर्म से सम्बधित सामान अनिवार्य रूप से मंगाकर बच्चों की मानसिकता पर ईसाइयत का प्रभाव लादना चाहते हैं। इसे रोका जाना है।
ईसाई धर्म का प्रचार माना जाएगा
हिन्दू जागरण मंच के प्रांतीय मंत्री संजू बजाज ने कहा कि अगर किसी भी हिन्दू छात्र बाहुल्य स्कूल या कॉलेज में 25 दिसम्बर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया तो उसे इसाई धर्म का प्रचार एव हिन्दू बच्चों की मानसिकता दूषित करने वाला संस्थान माना जाएगा। हिन्दू जागरण मंच इस तरह के संस्थानों का विरोध करेगा।
धर्मांतरण की श्रेणी में आएगा
विभाग संयोजक अमित राजा ने कहा अगर हमारे बच्चों को हमारी हिन्दू संस्कृति से भ्रमित किया जाएगा, तो हिंदुत्व को क्या समझेंगे। महानगर महामंत्री पुनीत शर्मा ने कहा उन मासूम बच्चों को स्कूल जाने अनजाने में ईसाइयत की ओर अग्रेसित कर रहे है, जोकि हिन्दू धर्म के खिलाफ हैं। इसे धर्मांतरण करना या उसे एक ईसाइयत का षड्यन्त्र माना जाएगा। बैठक में हिन्दू जागरण मंच युवा वाहिनी महानगर संयोजक आकाश गुप्ता, वीरांगना वाहिनी जिलाध्यक्ष रेनुका सिंह, अमित भारद्वाज, बबलू सैनी, बिल्लू ठाकुर, गनपत सिंह, राजेश पंडित, मनोज कश्यप, दीपक वर्मा, कौशल सेंगर, विशाल चौधरी, जयन्त कुमार शर्मा, हरीश, अमर कुमार आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।
Published on:
19 Dec 2017 04:21 pm
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