
अलीगढ़। अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में मांग की गई है कि हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी एसटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए जो निर्णय लिया गया है उसके संबंध में केंद्र सरकार अपनी पुनर्विचार याचिका वापस ले। हिंदू महसभा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के अनुसार एससी एसटी एक्ट बिना जांच के न लगाया जाए। उसमें स्पष्ट किया गया है कि एक्ट के तहत अग्रिम जमानत का प्रावधान हो, वहीं केंद्र सरकार ने एक वर्ग विशेष के दबाव में आकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है अत: केंद्र सरकार यह पुनर्विचार याचिका वापस ले। अगर यह पुनर्विचार याचिका वापस नहीं ली जाती तो 2019 के लोकसभा चुनाव में इसका परिणाम भाजपा को भुगतना पड़ेगा, सबका साथ और सबका विकास यह खोखला साबित होगा।
हरिजन एक्ट का हो रहा दुरुपयोग
अखिल भारत हिंदू महासभा ने कोर्ट के निर्णय का खुले मन से स्वागत किया है और सरकार से मांग की है कि इसको तत्काल लागू किया जाए। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडे ने कहा कि हरिजन एक्ट के तहत कोई संशोधन नहीं किया गया है केवल दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। हरिजन एक्ट का जितना सदुपयोग होना चाहिए, उससे कहीं ज्यादा दुरूपयोग है, लोगों को हरिजन एक्ट लगाकर के परेशान किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह देखा कि हरिजन एक्ट का दुरुपयोग न हो, हरिजन एक्ट के प्रावधान ऐसे हैं जिसका लोगों को लाभ मिले, लेकिन लोग जबरदस्ती फर्जी तरीके से हरिजन एक्ट लगा देते हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि बिना जांच के एससी एसटी एक्ट नहीं लगाना चाहिए। इस प्रावधान में कहीं भी दलित समाज का अहित नहीं हो रहा है। कोई भी ऐसा व्यक्ति जो अपराधी नहीं है ,वह हरिजन एक्ट के तहत नहीं फंसाया जाना चाहिए। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किया है लेकिन मामले में लोगों में भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, किसीके अधिकारों का यहां हनन नहीं किया जा रहा है।
Published on:
08 Apr 2018 09:37 pm
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