
अलीगढ़। अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका देने पर केंद्र सरकार का विरोध किया है। हिंदू महासभा के लोगों ने मंगलवार को रामलीला मैदान में विरोध दर्ज कराते हुए मुंडन कराया। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने एक वर्ग विशेष के दबाव में आकर निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुंडन कर जताया विरोध
हिंदू महासभा ने तीन दिन पहले खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भेजा था। जिसमें मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिका को वापस लिया जाए। लेकिन सरकार की तरफ से पुनर्विचार याचिका वापस लेने की कोई कवायद नहीं की गई। इसके विरोध में हिंदू महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान में अपना मुंडन कराया।
'एससी-एसटी एक्ट का हो रहा दुरुपयोग'
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक कुमार पांडे ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है। इस एक्ट के दुरुपयोग से लोग परेशान हो रहे हैं। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्देश दिए हैं, वो आवश्यक है। लेकिन केंद्र सरकार जनता के प्रति गंभीर नहीं है। जातिवाद के फेर में उलझी हुई है। इसी जातिवाद और धर्म के आधार पर देश का विभाजन तक हो गया था।
'प्रधानमंत्री भी जातिवाद के फेर में'
अशोक कुमार पांडे ने कहा कि हिंदू महासभा जातिविहीन समाज की बात करती रही है। देश में जातिवाद की राजनीति नहीं चलनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि सबका साथ सबका विकास की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जातिवाद के फेर में पड़े हुए हैं।
पुनर्विचार याचिका वापस लेने की मांग
हिंदू महासभा ने मांग है कि प्रधानमंत्री जातिवाद का जहर खत्म करके समूचे देश के बारे में सोचें। अगर वो सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं तो एससपी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिका वापस लें। अन्यथा 2019 के लोकसभा चुनाव में इसका दुष्परिणाम देखने को मिलेगा।
Published on:
10 Apr 2018 05:41 pm
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