
कासगंज जिले में मुख्य विकास अधिकारी यानी सीडीओ कार्यालय में सुरेश चंद्र होमगार्ड है। वह नगला ताल गांव का रहने वाला है। सुरेश ने मीडिया को बताया, "अप्रैल में हमारे पेट में दर्द शुरू हुआ। 14 अप्रैल को अल्ट्रासाउंड कराया। जिसमें पता चला कि बाईं किडनी में पथरी है। इसके बाद लैब वालों ने अलीगढ़ के क्वार्सी बाईपास के एक निजी अस्पताल भेज दिया। अगले दिन डॉक्टरों ने बताया कि पथरी निकल गई।"
"इस महीने फिर दर्द शुरू हो गया"
सुरेश चंद्र ने मीडिया को बताया, "अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद 8 महीने तक सब ठीक था। इस महीने फिर दर्द शुरू हो गया। डॉक्टर से संपर्क किया। उन्होंने दोबारा अल्ट्रासाउंड कराया। जिसमें पता चला कि बायीं किडनी नहीं है। इसके बाद अस्पताल पहुंचा, तो प्रबंधन ने सही से जवाब नहीं दिया। इसके बाद सीडीओ से शिकायत की। सीडीओ ने जांच के लिए सीएमओ को निर्देश दिए।"
"28 हजार रुपये डॉक्टर को फीस दिया था"
सुरेंश चंद्र ने बताया, "पथरी के ऑपरेशन के लिए हमने डॉक्टर को 28 हजार रुपये दिया था। अस्पताल से डिस्चार्ज करते समय डॉक्टरों ने हमें बताया था कि पथरी निकाल दी है। अस्पताल में भर्ती था, तो डॉक्टरों ने हमारे घर वालों को मुझसे मिलने भी नहीं दिया। जब घाव भर गया तो चुपचाप हमें डिस्चार्ज कर दिया। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को मैं पहचानता हूं।"
Updated on:
13 Nov 2022 09:03 am
Published on:
13 Nov 2022 09:00 am
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