कहा जाता है कि अंग्रेज अफसर जब अलीगढ़ में रेलवे ट्रैक बिछा रहे थे तो बाबा बरछी बहादुर की दरगाह के पास की कुछ जमीन की जरूरत पड़ी। अनजाने में दरगाह को भी कुछ नुकसान पहुंचा दिया गया। लेकिन जब काम शुरू हुआ तो बड़ी-बड़ी मशीनें और इंजन दरगाह के पास पहुंच कर आगे ही नहीं बढ़ पाते। कई दिनों तक कवायद हुई, लेकिन काम नहीं बना। बात जब पूरे शहर में बात फैली तो बुजुर्गों ने बताया कि दरगाह को नुकसान पहुंचाए बिना काम हो तो यकीनन मंजिल मिलेगी, आखिरकार अंग्रेज अफसरों को दरगाह छोड़कर काम करना पड़ा। दरगाह को छोड़ने के बाद जब काम शुरू हुआ तो रेलवे लाइन धड़ाधड़ बिछती गई और रेल इंजन सरपट दौड़ने लगे। ये बात अलीगढ़ के एतिहासिक दस्तावेजों में दर्ज सत्य घटना है।