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पार्षद के खिलाफ नगर निगम कर्मचारियों में आक्रोश, जमकर हुआ हंगामा

पार्षद ने नगर निगम कर्मचारी को दी थी जान से मारने की धमकी।

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Nagar nigam Aligarh

अलीगढ़। नगर निगम कर्मचारियों में आक्रोश पनप रहा है। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने महापौर से भेंट कर इसकी जानकारी दी है। पार्षद ने निगम कर्मचारी को जान से मारने की धमकी पर भड़के निगम कर्मचारी आक्रोशित हैं।

हुआ हंगामा
नगर निगम गृहकर विभाग में तैनात राजेन्द्र सिंह से वार्ड 19 के पार्षद नरेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा गाली गलौज करते हुये जान से मारने की धमकी देने पर नगर निगम के कर्मचारी भड़क गये हैं। नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राॅबिन्न केला व महामंत्री मानवेन्द्र सिंह के आह्वन पर कर्मचारियों की आपात बैठक कर पार्षद के इस कृत्त की भर्त्सना की गई। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राॅबिन्न केला और महामंत्री मानवेन्द्र सिंह बघेल के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों की फौज ने निगम में नारेबाजी की और नगर आयुक्त और महापौर मौहम्मद फुरकान को ज्ञापन सौंपा।

ये है मामला
महामंत्री मानवेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि डाॅ. राजेन्द्र कुमार लिपिक गृहकर विभाग से नरेन्द्र प्रताप उर्फ नीशू ठाकुर ने भवन संख्या 1994ए 95 आरके पुरम अलीगढ़ की पत्रावली के संबंध में अनावश्यक रूप से दबाव बनाया जा रहा है तथा नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डाॅ. संजीव कुमार के कार्यालय में पार्षद व उनके साथियों द्वारा अभ्रदता करते हुये राजेन्द्र सक्सैना को जान से मारने की धमकी दी गयी। अध्यक्ष राॅबिन्न केला ने कहा कि पार्षद अपने पद की गरिमा को समझेे। पार्षद नरेन्द्र प्रताप के इस कृत के कारण कर्मचारियों में रोष है और यह रोष कभी भी भयंकर रूप धरण कर सकता है। कर्मचारी संघ के चक्रवत्ती दत्त शर्मा ने कहा कि नगर निगम के सभी कर्मचारी एक हैे और इनकी एकता को नरेन्द्र जैसे पार्षद कम न आंकें।

ये रहे मौजूद
महामंत्री मानवेन्द्र सिंह बघेल ने कहा कि नगर निगम के सभी कर्मचारी पार्षदों का सम्मान करते है सम्मान का यह मतलब नहीं कि आप कर्मचारियों से अभद्रता करेगें। कर्मचारियेां की क्षमताओं को कम न आकें। वर्कशाॅप सहायक धर्मवीर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की इज्जत के साथ किसी के द्वारा अभद्रता किया जाता है तो ईंट का जवाब पत्थर से दिया जायेगा। ज्ञापन देने वालों में चक्रवत्ती दत्त शर्मा, धर्मवीर सिंह, इरशाद, वीरपाल, सरवर, राजेन्द्र सक्सैना, चेतन शर्मा, पदमजैन, सोमप्रकाश, सुबोध शर्मा, विनोद पाल, सुभम सक्सैना, संजय सक्सेना, प्रशांत तिवारी, बबलू कमल, गोपाल बाबू गर्ग आदि सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।